दतिया उपचुनाव: मतदान के बाद तेज हुई बयानबाजी, दामोदर यादव ने भाजपा-कांग्रेस पर लगाए सांठगांठ के आरोप

Datia By Election: दतिया उपचुनाव के बाद मचा राजनीतिक बवंडर, घनश्याम सिंह ने अपनी ही पार्टी के नेता पर लगाया भीतरघात का आरोप, दामोदर यादव का दावा- 'भाजपा और कांग्रेस में थी अंदरूनी सांठगांठ।
Political rhetoric intensified after polling in the Datia Assembly by-election, with Damodar Yadav alleging a nexus between the BJP and the Congress during the electoral process
दामोदर यादव ने भाजपा और कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप (सोर्स- नवभारत लाइव)
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Damodar Yadav Statement Allegation On Congress BJP: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में 30 जुलाई को मतदान संपन्न होने के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मतदाताओं का फैसला ईवीएम में बंद होने के बावजूद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं।

चुनाव परिणाम आने से पहले ही विपक्षी दल चुनावी रणनीति और प्रचार को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और निर्वाचन आयोग की ओर से भी इस संबंध में कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है।

कांग्रेस प्रत्याशी ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता पर लगाए आरोप

मतदान के बाद सबसे पहले कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान राजेंद्र भारती ने उनका खुलकर विरोध किया और भाजपा के पक्ष में काम किया। घनश्याम सिंह का आरोप है कि चुनाव के दौरान भाजपा के समर्थन में पैसे बांटे गए और उन्हें पार्टी की ओर से अपेक्षित सहयोग और प्रचार नहीं मिला। कांग्रेस प्रत्याशी के इन बयानों ने पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। हालांकि, राजेंद्र भारती की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आजाद समाज पार्टी ने भाजपा-कांग्रेस की मिलीभगत का लगाया आरोप

इसी बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रत्याशी दामोदर यादव ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, भाजपा और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच चुनाव के दौरान मिलीभगत रही। दामोदर यादव ने दावा किया कि दोनों प्रमुख दलों ने रणनीतिक तरीके से एक-दूसरे को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा उनके पुराने मित्र हैं, लेकिन उन्होंने मित्रता निभाने के बजाय कांग्रेस प्रत्याशी का साथ दिया। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

जीत का दावा, परिणाम पर टिकी सबकी नजर

दामोदर यादव ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में अपनी जीत का भी दावा किया। उनका कहना है कि दतिया की जनता इस बार बदलाव चाहती है और आजाद समाज पार्टी को समर्थन मिला है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर मतदाताओं को गुमराह करने और चुनावी माहौल प्रभावित करने के प्रयास करने के आरोप भी लगाए।

फिलहाल सभी दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन दतिया की जनता का अंतिम फैसला मतगणना के दिन सामने आएगा। तब तक चुनावी आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

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