

Awadhesh Nayak Meets Ashutosh Tiwari: दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट वितरण के बाद अब कांग्रेस के भीतर भी अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों की नाराजगी के बाद अब कांग्रेस में भी असंतोष की सुगबुगाहट सामने आने लगी है। कांग्रेस नेता अवधेश नायक और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या कांग्रेस के 'भाईचारे' में दरार पड़ गई है?
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी दतिया में कांग्रेस नेता अवधेश नायक के घर पहुंचे, जहां दोनों के बीच मुलाकात हुई। खास बात यह रही कि इस मुलाकात की तस्वीरें खुद अवधेश नायक ने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा कीं। इसके बाद से ही यह चर्चा तेज हो गई कि टिकट नहीं मिलने से नाराज अवधेश नायक जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक न तो अवधेश नायक और न ही भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।
राजनीतिक मायने इसलिए भी निकाले जा रहे हैं क्योंकि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के नामांकन कार्यक्रम और पार्टी की पहली चुनावी सभा से अवधेश नायक दूरी बनाए हुए नजर आए। ऐसे समय में भाजपा प्रत्याशी का उनके घर पहुंचना केवल एक शिष्टाचार मुलाकात है या इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति है, इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों का दावा है कि अगले एक-दो दिनों में अवधेश नायक कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।
दतिया उपचुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा जारी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में भी अवधेश नायक का नाम नहीं है। 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, हरीश चौधरी समेत कई पूर्व मंत्री, विधायक और पूर्व विधायकों को जगह मिली है, लेकिन अवधेश का नाम नदारद है।
दिलचस्प बात यह है कि टिकट वितरण के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अवधेश नायक और घनश्याम सिंह दोनों ने उन्हें भरोसा दिया था कि दोनों में से किसी एक को टिकट मिलने पर भी वे सगे भाइयों की तरह मिलकर चुनाव लड़ेंगे। पटवारी ने इसे कांग्रेस की एकजुटता का संदेश बताया था। लेकिन अब अवधेश नायक की नाराजगी और भाजपा प्रत्याशी से उनकी मुलाकात ने उसी दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम पर खुलकर कुछ भी बोलने से बच रही है, जबकि भाजपा भी संभावित राजनीतिक घटनाक्रम पर चुप्पी साधे हुए है। ऐसे में यह मुलाकात महज राजनीतिक शिष्टाचार साबित होती है या दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका देने की भूमिका तैयार कर रही है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। बता दें कि अवधेश ने 2023 में नरोत्तम मिश्रा से नाराज होकर भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया था।