

Datia Assembly By-Election 2026: दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीख घोषित होने के साथ ही जिले का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना की घोषणा की है। इसके बाद से ही राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। भाजपा और आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने अपने-अपने दावे पेश करते हुए चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। दोनों दलों के नेताओं ने जनता के बीच अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए हैं।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से दतिया जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पार्टी इस उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को ही उम्मीदवार बनाएगी। नवभारत से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के परिणामों को गलत तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उस चुनाव में 80 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे, जो जनता के उनके प्रति विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि इस बार परिस्थितियां पूरी तरह भाजपा के पक्ष में हैं और पार्टी रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करेगी।
रघुवीर कुशवाहा ने कहा कि भाजपा सरकार की योजनाओं और संगठन की मजबूती के कारण जनता का भरोसा लगातार पार्टी पर बढ़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि उपचुनाव में भाजपा कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे और दतिया विधानसभा सीट पर दोबारा कमल खिलाएंगे।
वहीं, आजाद समाज पार्टी ने भी चुनावी बिगुल फूंकते हुए भाजपा और उसके संभावित उम्मीदवार पर हमला बोला है। पार्टी के संभावित प्रत्याशी दामोदर यादव ने नवभारत से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याओं, महंगाई और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि दतिया की जनता अब बदलाव चाहती है और इस बार मतदाता पारंपरिक राजनीति से हटकर नए विकल्प को मौका देंगे।
दामोदर यादव ने भाजपा और डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर कई आरोप लगाते हुए कहा कि जनता पिछले वर्षों के कार्यों का आकलन कर रही है और इस बार परिणाम अलग होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आजाद समाज पार्टी उपचुनाव में मजबूत प्रदर्शन करेगी और भाजपा प्रत्याशी को कड़ी चुनौती देगी।
उपचुनाव की घोषणा के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने एक-दूसरे की नीतियों पर सवाल उठाए, जबकि दोनों ने अपने संगठन और जनाधार को मजबूत बताते हुए जीत का दावा किया। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है।
अब जबकि मतदान में कुछ ही दिन शेष हैं, सभी राजनीतिक दल जनसंपर्क, बैठकों और प्रचार अभियान को गति देने की तैयारी में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दतिया में कई बड़े नेताओं की सभाएं और रोड शो भी आयोजित होंगे, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है। दतिया उपचुनाव को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इसलिए सभी दल अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।
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