नागपुर में अवैध निजी बसों पर बड़ा एक्शन: HC के आदेश के बाद 22 बसों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने का प्रस्ताव!

Nagpur ST Bus Stand: नागपुर में एसटी बस स्टैंड के 200 मीटर दायरे में नियम तोड़ने वाली 22 निजी ट्रैवल्स बसों का पंजीयन रद्द करने का प्रस्ताव आरटीओ को भेजा गया है।
Major crackdown on illegal private buses in Nagpur: Proposal to cancel the registration of 22 buses following High Court orders!
नागपुर एसटी बस स्टैंड, (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nagpur ST Bus Stand Private Travel Buses: नागपुर शहर में एसटी बस स्टैंड के 200 मीटर के दायरे में अवैध रूप से सवारी बैठाने और उतारने वाली निजी ट्रैवल्स बसों पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ के आदेश का पालन करते हुए महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल (एसटी) की सुरक्षा एवं सतर्कता शाखा ने नियम तोड़ने वाली 22 निजी बसों का पंजीयन रद्द करने के लिए उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) नागपुर शहर (पूर्व) को प्रस्ताव भेजा है।

क्या है मामला

फरवरी 2017 में बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने जनहित याचिका (क्रमांक 49/2015)

पर एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया था। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बस स्टैंड के 200 मीटर के 'नो-पार्किंग जोन' में जो भी निजी वाहन या बसें अवैध रूप से रुकेंगी, मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 53 (1) (बी) के तहत उनका पंजीयन रद्द किया जाए।

प्रशासन का सख्त रुख

नागपुर क्षेत्र के वरिष्ठ सुरक्षा व दक्षता अधिकारी धम्मरत्न डोंगरे ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव आरटीओ को सौंप दिया है। उन्होंने जोर दिया है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई से उन अवैध बस संचालकों में हड़कंप मच गया है जो बस स्टैंड के पास जमावड़ा लगाकर सरकारी परिवहन व्यवस्था में बाधा डालते हैं।

प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं मुख्य सुरक्षा व दक्षता अधिकारी (एसटी महामंडल, मुंबई) प्रियंका नारनवरे और अपर परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ के आदेशों के बाद यह विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है।

11 जुलाई से आरटीओ नागपुर (पूर्व) के दस्ते ने कार्रवाई करते हुए नियम तोड़ने वाली 22 निजी बसों पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 122 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की है।

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