Chhindwara News: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बाघ की खाल, खोपड़ी और पंजों के साथ तस्कर गिरफ्तार
Wildlife Smuggling Case: छिंदवाड़ा में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाघ की खाल, खोपड़ी और पंजों के साथ वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- Reported By: मनीष तिवारी | Edited By: प्रीतेश जैन
गिरफ्तार तस्कर (फोटो सोर्स- नवभारत)
Chhindwara Tiger Skin Seizure Case: छिंदवाड़ा जिले में वन्यजीव संरक्षण के तहत चलाए जा रहे अभियान के दौरान वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। पूर्व हराई क्षेत्र के जामुनिया गांव में छापेमारी कर वन विभाग की टीम ने बाघ के अवशेषों के साथ वन्यजीव तस्करी में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि जामुनिया गांव में कुछ लोग बाघ के अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त करने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया गया और एक विशेष टीम का गठन किया गया।
घेराबंदी कर आरोपियों को दबोचा
वन संरक्षक छिंदवाड़ा के निर्देशन में गठित इस टीम का नेतृत्व उपवन मंडल अधिकारी और परिक्षेत्र अधिकारी, सावरी द्वारा किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जामुनिया गांव में घेराबंदी कर दबिश दी। कार्रवाई इतनी गोपनीय और तेज थी कि मौके पर मौजूद आरोपियों को भागने का कोई मौका नहीं मिला। छापेमारी के दौरान वन विभाग ने आरोपियों के पास से बाघ की खाल, खोपड़ी और चार पंजे (नाखूनों सहित) बरामद किए। सभी वन्यप्राणी अवशेषों को नियमानुसार जब्त कर लिया गया है। जब्त सामग्री को आगे की जांच और विधिक प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रखा गया है।
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आरोपियों से पूछताछ कर रही टीम
वन विभाग के अनुसार, इस मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे अवैध तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
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बड़े वन्यजीव तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं आरोपी
अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह मामला किसी बड़े वन्यजीव तस्करी गिरोह से जुड़ा हो सकता है। इसी कारण पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। वन विभाग ने इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है और कहा है कि जिले में अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
