छिंदवाड़ा: मोबाइल पर अश्लील कंटेंट देख 7 नाबालिगों ने मासूम से की दरिंदगी की कोशिश, भेजे गए बाल सुधार गृह

Chhindwara Crime News : छिंदवाड़ा में 7 साल की मासूम बच्ची से छेड़खानी के मामले में सात नाबालिग आरोपी सामने आए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी को बाल सुधार गृह भेज दिया है।
Chhindwara Minor Girl Harassment Case
महिला थाना (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Chhindwara Minor Girl Harassment Case : छिंदवाड़ा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक मोहल्ले में खेल-खेल के दौरान सात नाबालिग बच्चों ने 7 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़खानी की वारदात को अंजाम दिया।

इन लड़कों की उम्र महज 8 से 10 साल के बीच है। पुलिस जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बच्चे मोबाइल पर आपत्तिजनक रील्स और अश्लील कंटेंट देखने की बात सामने आई है, जिसके कारण उन्होंने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया।

खेलने के बहाने, आंगन में ले गए

पीड़ित मासूम रोजाना की तरह अपने ही मोहल्ले के बच्चों के साथ खेल रही थी। उसी दौरान मोहल्ले के ही एक घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिससे आसपास काफी चहल-पहल थी। इसी का फायदा उठाकर बच्चे पीड़ित बच्ची को घर के पीछे खाली पड़े आंगन में खेलने के बहाने ले गए। वहां उन्होंने मासूम के निजी अंगों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म की कोशिश की।

बमुश्किल बची मासूम

जब बच्चों की करतूतें बढ़ने लगी, तो सहमी हुई मासूम ने हिम्मत दिखाई और जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्ची की आवाज सुनकर लड़के बुरी तरह डर गए और पकड़े जाने के खौफ से मौके से भाग निकले। रोती-बिलखती मासूम तुरंत अपने घर पहुंची और पूरी आपबीती अपनी मां को सुनाई। बेटी की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

बाल सुधार गृह भेजे गए लड़के

परिजनों ने बिना वक्त गंवाए सीधे महिला थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला थाना प्रभारी अरुण वाहने ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया। मेडिकल रिपोर्ट में छेड़खानी की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की। चूंकि आरोपी भी नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन सभी सातों लड़कों को नरसिंहपुर स्थित बालक सुधार केंद्र भेज दिया है।

सोशल मीडिया और मोबाइल रील्स ने बिगाड़ा भविष्य

महिला थाना प्रभारी अरुण वाहने ने बताया कि पूछताछ में बेहद चिंताजनक बातें सामने आई हैं। आरोपी बच्चे दिनभर मोबाइल पर गेम खेलने और रील्स देखने के आदी थे। मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण वे मैदानी खेलकूद से पूरी तरह दूर हो चुके थे। इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो-फोटो देखकर इन कम उम्र के बच्चों के कोमल दिमाग पर गहरा और विकृत असर पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने इस गंभीर अपराध को अंजाम दे डाला।

https://youtu.be/ACUX4zRnfrE?si=jx4RiyWOdHmntHnN

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