छिंदवाड़ा के मुआरी गांव में अवैध शराब के खिलाफ फूटा महिलाओं का गुस्सा, बोलेरो से सड़क पर फेंकी शराब की पेटियां
Women Protest Against Liquor: छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव के मुआरी गांव में अवैध शराब की बिक्री से नाराज महिलाओं ने बोलेरो से शराब की पेटियां सड़क पर फेंक दीं। आबकारी विभाग पर भी लापरवाही के आरोप लगाए।
- Reported By: मनीष तिवारी | Edited By: प्रीतेश जैन
महिलाओं का विरोध प्रदर्शन (फोटो सोर्स- नवभारत)
Chhindwara Illegal Liquor Protest: छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र के मुआरी गांव में अवैध शराब की बिक्री के विरोध में ग्रामीण महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से गांव में हो रही अवैध शराब की बिक्री से नाराज महिलाओं ने एक बोलेरो वाहन को रोककर उसमें रखी शराब की पेटियां सड़क पर फेंक दीं। घटना के दौरान गांव में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि मुआरी गांव में लंबे समय से खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। महिलाओं का कहना है कि शराब की आसान उपलब्धता के कारण गांव के युवा नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं।
नशे से बढ़ रहे घरेलू विवाद
महिलाओं ने बताया कि शराब की वजह से गांव में पारिवारिक कलह और घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। नशे की हालत में लोग आए दिन विवाद करते हैं, जिससे परिवारों का माहौल खराब हो रहा है। इसी समस्या से परेशान होकर महिलाओं ने खुद सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
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बोलेरो से उतारकर सड़क पर फेंकी शराब
विरोध के दौरान महिलाओं ने कथित रूप से शराब लेकर पहुंचे एक बोलेरो वाहन को रोका और उसमें रखी शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दीं। महिलाओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन से अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की।
आबकारी विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि विभाग छोटे स्तर पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है, जबकि बड़े शराब माफियाओं पर कार्रवाई नहीं की जाती। महिलाओं ने कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते तो गांव में यह स्थिति पैदा नहीं होती।
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प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीण महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में चल रहे अवैध शराब कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसमें शामिल तस्करों व कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि अवैध शराब की बिक्री नहीं रुकी तो वे आगे भी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगी।
