छतरपुर:आकाशीय बिजली से महिला की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा, डॉक्टर नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
Chhatarpur News : सटई में आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत के बाद अस्पताल में डॉक्टर और एम्बुलेंस नहीं मिलने पर नाराज ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। प्रशासन की समझाइश के बाद हंगामा शांत हुआ।
- Reported By: शिबम दीक्षित | Edited By: प्रीतेश जैन
ग्रामीणों का प्रदर्शन (फोटो सोर्स- नवभारत)
Chhatarpur Hospital Negligence: छतरपुर जिले के सटई कस्बे में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टर और एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण समय पर इलाज नहीं हो सका। घटना से नाराज ग्रामीणों ने बस स्टैंड पर चक्काजाम कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद कई घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार, सटई निवासी 38 वर्षीय राजकुमारी पटेल पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें तत्काल सटई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। परिजनों का यह भी कहना है कि मरीज को जिला अस्पताल रेफर करने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई।
निजी वाहन से ले जाते समय तोड़ा दम
डॉक्टर और एम्बुलेंस नहीं मिलने पर परिजन राजकुमारी पटेल को निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए। आरोप है कि इलाज मिलने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
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ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, बाजार भी रहा बंद
महिला की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सटई बस स्टैंड पर पहुंच गए। लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। विरोध के समर्थन में स्थानीय व्यापारियों ने भी बाजार बंद रखा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी, दवाइयों का अभाव और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।
प्रशासन ने दिया सुधार का भरोसा
स्थिति की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सटई अस्पताल में पदस्थ डॉ. अरुणेंद्र शुक्ला को हटाने की कार्रवाई की। इसके साथ ही नया ड्यूटी रोस्टर लागू करने, डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और सभी डॉक्टरों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की घोषणा की गई।
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आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और बंद बाजार भी दोबारा खुल गया। हालांकि, इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर डॉक्टर और एम्बुलेंस उपलब्ध होती, तो शायद राजकुमारी पटेल की जान बचाई जा सकती थी।
