आंदोलन स्थल पर भारी पुलिस बल (फोटो सोर्स- नवभारत) 
छतरपुर

छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में 'चिता आंदोलन' पर कार्रवाई, आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया

Chhatarpur News: छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहे चिता आंदोलन के दौरान पुलिस ने जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर समेत कई आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया है।

प्रीतेश जैन

Ken Betwa Link Project Protest: छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों का चल रहा विरोध प्रदर्शन रविवार को प्रशासनिक कार्रवाई के बाद चर्चा में आ गया। परियोजना के विरोध में चल रहे ‘चिता आंदोलन’ के दौरान पुलिस टीम आंदोलन स्थल पहुंची और जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इस समय आंदोलन 17वें दिन में था, जबकि अमित भटनागर का आमरण अनशन लगातार 14वें दिन जारी था।

प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश और आंदोलनकारियों की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। अमित भटनागर और कुछ अन्य लोगों को पुलिस की मदद से बिजावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।

तड़के पहुंचा भारी पुलिस बल, आंदोलनकारियों को हटाया

बिजावर एसडीएम विजय द्विवेदी के मुताबिक ग्राम कुपी स्थित बराना नदी के पास आंदोलन कर रहे लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण मौके पर स्थिति चुनौतीपूर्ण बन रही थी। प्रदर्शन में शामिल पन्ना जिले के कुछ लोगों को भी बस के जरिए सुरक्षित वापस भेजा गया है।

प्रदर्शनकारियों ने लगाया आंदोलन दबाने का आरोप

वहीं आंदोलन से जुड़े लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। आंदोलनकारी दिव्या अहरवार ने आरोप लगाया कि अमित भटनागर रविवार को केन-बेतवा लिंक परियोजना और अन्य योजनाओं से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के दस्तावेज सार्वजनिक करने वाले थे। उनका कहना है कि इससे पहले ही सुबह करीब 5 बजे बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया और आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन आंदोलन की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।

PMO के हस्तक्षेप के बाद भी जारी है गतिरोध

इससे पहले मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के संज्ञान लेने के बाद आंदोलनकारियों को समाधान की उम्मीद जगी थी। हालांकि, प्रभावित परिवारों और प्रशासन के बीच मांगों को लेकर सहमति नहीं बन सकी। अमित भटनागर ने पहले ही स्पष्ट किया था कि किसी भी दबाव या कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा।

अब अस्पताल से आगे की रणनीति पर नजर

फिलहाल अमित भटनागर अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन इस कार्रवाई को स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा कदम बता रहा है, जबकि आंदोलनकारी इसे आंदोलन खत्म कराने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों की मांगों को लेकर अब आगे प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच क्या रुख रहता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

https://youtu.be/6gHEPZupehM?si=wenmRz5VNVOkajD9

सरकार पर प्रियंका गांधी का वार, बोली बेरोजगारी और महंगाई रूपी रावण से जूझ रही जनता

एकनाथ शिंदे जल्द बनेंगे CM, जो रास्ते में आएगा उसका...दशहरा रैली में शिवसेना के मंत्री के दावे से हड़कंप!

दिल्ली पुतला विवाद: AAP पर बरसे कपिल मिश्रा, बोले- कॉकरोच के पुतले से राजनीतिक दीमकों को हो रहा है दर्द

Explainer: यूपी चुनाव में किसकी नैया के खेवनहार बनेंगे मल्लाह, किन सीटों पर है मजबूत पकड़? जानें पूरा समीकरण

दशहरा समारोह में शामिल हुए PM मोदी, बोले- सत्ता का उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए