हिंदू कैदी से मुस्लिम जेलर को हुआ प्यार, हिन्दू रीति-रिवाज से हुई शादी की रस्में, बजरंग दल ने किया कन्यादान

Hindu-Muslim Love Story : जेल के भीतर चारदीवारी की कानून व्यवस्था संभालने वाली मुस्लिम समाज की सहायक जेल अधीक्षक ने सजा काट चुके हिंदू युवक से शादी की है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्या दान किया।
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हिन्दू कैदी से मुस्लिम जेलर को हुआ प्यार, सोर्स :सोशल मीडिया
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Love story of Assistant Jail Superintendent and convict : छतरपुर में सहायक जेल अधीक्षक ने सजा काट चुके हिंदू युवक से शादी कर ली। हिंदू रीति-रिवाज से हुई इस शादी में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्यादान किया।

मामला लवकुशनगर का है, जहां केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून और हत्या के मामले में सजा काट चुके धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष के बीच प्यार परवान चढ़ा और दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया।

जेल की चारदीवारी के भीतर कानून-व्यवस्था संभालने वाली इस अधिकारी ने शादी कर साबित कर दिया कि मोहब्बत में कोई बंदिश नहीं होती और प्यार का कोई मजहब नहीं होता। 5 मई को लवकुशनगर स्थित एक मैरिज हाउस में हिन्दू रीति- रिवाज से शादी सम्पन्न हुई। मुस्लिम अधिकारी के परिजन इस शादी से नाराज थे और वे इसमें शामिल नहीं हुए तो बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्यादान किया।

क्या है पूरा मामला ?

केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर पदस्थ Muslim महिला अधिकारी फिरोजा खातून की मुलाकात ड्यूटी के दौरान Hindu युवक अभिलाष से हुई थी। जेल में महिला अधिकारी वारंट इंचार्ज थी और वहीं सजा काट रहा युवक वारंट का काम करता था। पहले दोनों की दोस्ती हुई और फिर प्यार परवान चढ़ा। दोनों ने परिवार और समाज की परवाह किए बिना हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का फैसला लिया। शादी पूरी तरह से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई।

कैदी और जेलर की शादी बनी चर्चा का विषय

शादी की खबर सामने आते ही केंद्रीय जेल सतना में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। कैदी से लेकर अधिकारी तक सभी ने इस जोड़े को बधाई दी। मुस्लिम अधिकारी ने ड्यूटी में जितनी ईमानदारी दिखाई है, निजी जीवन में भी उतनी ही हिम्मत दिखाई है। यह सतना के लिए गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है।

कैदी को हत्या के मामले में सजा हुई थी

चंदला निवासी अभिलाष सिंह ने वर्ष 2007 में नगर परिषद चंदला के उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या कर शव जमीन में दफना दिया था। इस चर्चित हत्या के मामले में युवक को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। करीब 14 साल तक जेल काटने के बाद जेल प्रबंधन ने अच्छे आचरण को देखते हुए उसे जेल से रिहा कर दिया था। बीते करीब 4 सालों से अभिलाष जेल से बाहर था।

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