वन अधिकार पट्टों की मांग को लेकर नेपानगर में आदिवासियों का शक्ति प्रदर्शन, हजारों लोगों ने निकाली रैली

Burhanpur News : बुरहानपुर के नेपानगर में वन अधिकार पट्टों की मांग को लेकर हजारों आदिवासियों ने विशाल रैली निकाली। एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
Nepanagar Tribal Rally
प्रदर्शन (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Nepanagar Tribal Rally: बुरहानपुर जिले के नेपानगर में वन अधिकार पट्टों की मांग को लेकर आदिवासी समाज ने विशाल रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। आदिवासी एकता संगठन के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। रैली का मुख्य उद्देश्य वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र परिवारों को भूमि के अधिकार दिलाना और लंबित दावों का शीघ्र निराकरण कराना था।

कार्यक्रम की शुरुआत नगर के नेहरू स्टेडियम में आयोजित एक विशाल सभा से हुई। सभा में संगठन के पदाधिकारियों, समाज के वरिष्ठजनों और विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने लोगों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम लागू होने के बावजूद बड़ी संख्या में पात्र आदिवासी परिवार अब भी भूमि अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की कि पात्र हितग्राहियों को शीघ्र वन भूमि के पट्टे प्रदान किए जाएं, ताकि उन्हें स्थायी अधिकार और सुरक्षा मिल सके।

लंबित मामलों के निराकरण की मांग

सभा के बाद हजारों लोग रैली के रूप में नेहरू स्टेडियम से निकले। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर वन अधिकारों के समर्थन में नारे लगाए। रैली में शामिल लोगों ने सरकार से वन अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और वर्षों से लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने की मांग की।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

एसडीएम कार्यालय पहुंचने पर संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पात्र आदिवासी परिवारों को वन भूमि के पट्टे देने, लंबित दावों का निपटारा करने और आदिवासी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।

तैनात रहा पुलिस बल

रैली के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी पूरे आयोजन की निगरानी करते रहे। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से आदिवासी समाज ने अपनी मांगों को मजबूती से शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।