पुलिया के पाइप में अचानक गुर्राने लगा तेंदुआ; बुरहानपुर के गुराड़िया गांव में मची भारी दहशत

Leopard Growls From Culvert Pipe: बुरहानपुर के नेपानगर स्थित गुराड़िया गांव में पिछले 1 महीने से तेंदुए की भारी दहशत, सोमवार को पुलिया के पाइप में बैठा दिखा, बकरियों व कुत्तों का कर चुका है शिकार।
leopard growls from culvert pipe in Guradiya
बुरहानपुर में तेंतुए का आतंक(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Leopard Spotted In Guradiya Village: बुरहानपुर जिले के नेपानगर तहसील अंतर्गत गुराड़िया पंचायत क्षेत्र में पिछले करीब एक महीने से तेंदुए की लगातार मौजूदगी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। तेंदुए की गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है और किसान खेतों में जाने से बच रहे हैं।

वहीं खेतों में काम करने के लिए मजदूर भी आने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

पुलिया के पाइप में बैठा दिखा तेंदुआ

सोमवार सुबह करीब 9:41 बजे ग्राम निवासी अक्षय पाटील अपने खेत में फसल देखने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें पास की पुलिया की ओर से गुर्राने की आवाज सुनाई दी। जब वे आवाज की दिशा में पहुंचे तो पुलिया के पाइप के भीतर एक तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। अचानक तेंदुए को सामने देखकर वे घबरा गए, लेकिन उन्होंने मोबाइल से उसकी तस्वीर लेने की कोशिश की। तस्वीर स्पष्ट नहीं आ सकी। इसके बाद अक्षय वहां से तेजी से निकल गए। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ भी कुछ देर बाद पुलिया से निकलकर खेतों की ओर चला गया।

बकरियों और कुत्तों का कर चुका है शिकार

ग्रामीणों का दावा है कि तेंदुआ पिछले एक महीने से क्षेत्र में लगातार घूम रहा है। इस दौरान वह तीन से चार बकरियों और दो से तीन कुत्तों का शिकार कर चुका है। तेंदुए की मौजूदगी के कारण गांव और आसपास के खेतों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही लोग घरों से बाहर निकलने में भी सावधानी बरत रहे हैं।

leopard growls from culvert pipe in Guradiya
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खेतों में जाने से डर रहे किसान

क्षेत्र में इस समय फसल खड़ी है, लेकिन तेंदुए के डर से किसान नियमित रूप से खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार मजदूर भी खेतों में काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।

वन विभाग की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए की पहली सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम दो-तीन दिन क्षेत्र में पहुंची थी, लेकिन उसके बाद लगातार निगरानी नहीं की गई। 17 सितंबर को ग्रामीणों ने लिखित शिकायत देकर तेंदुए की मौजूदगी और उससे जुड़े खतरे की जानकारी भी दी थी। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया है। ऐसे में ग्रामीण वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं और जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।