

Umang Singhar On Twisha Sharma Case: राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत के मामले को लेकर विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे संवेदनशील मामला बताते हुए। सरकार से परिजनों की मांग सुनने की बात कही। वहीं राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने गृह मंत्री और मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव को पत्र लिखा।
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सीबीआई जांच की मांग उठाई है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन योदव को पत्र लिखा, साथ ही उन्होंने इस पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। वंही दूसरी तरफ नेता विपक्ष उमंग सिंघार ने नवभारत लाइव से बातचीत के दौरान साफ कहा कि अगर ट्विसा शर्मा के परिजनों की मांग है, तो निष्पक्ष जांच के लिए सरकार को दिल्ली एम्स से पोस्टमार्टम कराना चाहिए।
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नवभारत लाइव के साथ बातचीत में बताया कि सरकार को इस संवेदनशील मामले में संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अगर ट्विसा के परिवार वालों की यह मांग है कि दूसरे एम्स में पोस्टमार्टम हो तो सरकार ऐसा कर सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन की निगरानी में भी पोस्टमार्टम हो सकता है। नेता विपक्ष का कहना है कि ऐसे मामलों में ढील-ढाल नहीं होनी चाहिए।
बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध है कि दुर्भाग्यपूर्ण ट्विशा शर्मा की अप्राकृतिक मृत्यु का मामला सीबीआई को सौंप दें। पिछले आठ दिनों से अविश्वास और गतिरोध बना हुआ है। पीड़ित परिवार अंतिम संस्कार नहीं कर रहा है। भावनाएं उग्र हैं। विश्वास का स्तर बहुत कम है। सीबीआई ही इसका समाधान है। बता दें कि उन्होंने गृह मंत्री के साथ-साथ मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव को भी पत्र लिखा और यही मांग उठाई।
बता दें कि इस मामले को लेकर पूर्व जिला जज गिरीबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर बुधवार को पूर्व सैनिक संगठन 'वर्दी वेलफेयर सोसायटी' सड़क पर उतर आई और बाइक रैली निकाली। राजधानी भोपाल के शौर्य स्मारक से शुरू हुई पूर्व सैनिकों की बाइक रैली सीएम हाउस, पुलिस मुख्यालय और राजभवन तक पहुंची, जहां राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की गई।