

Highlights:
हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर उमंग सिंघार ने भाजपा को घेरा।
सिंघार ने X पर पोस्ट कर इसे प्रदेश की जनता का अपमान बताया।
एपस्टीन से जुड़े विवाद को लेकर भाजपा से सवालों का जवाब देने की मांग की।
राज्यसभा नामांकन के प्रस्तावक और समर्थन करने वाले नेताओं पर भी उठाए सवाल।
Umang Singhar On Hardeep Singh Puri : मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसे प्रदेश की जनता का अपमान बताया।
अपनी पोस्ट में सिंघार ने कहा कि राज्यसभा का टिकट देना भाजपा का अंदरूनी मामला हो सकता है, लेकिन पुरी को मध्य प्रदेश का प्रतिनिधि बनाना जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
उमंग सिंघार ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में जेफ्री एपस्टीन का जिक्र करते हुए हरदीप सिंह पुरी के कथित संबंधों पर सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा से पूछा कि ऐसे व्यक्ति को मध्य प्रदेश का प्रतिनिधि क्यों बनाया जा रहा है, जिनके तार नाबालिग बच्चियों के शोषण से जुड़े कुख्यात अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भारतीय जनता पार्टी से यह भी पूछा कि हरदीप सिंह पुरी के नामांकन का प्रस्तावक कौन बनेगा और कौन-कौन नेता उनके समर्थन में सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि नामांकन के प्रस्तावक, समर्थक और इस प्रक्रिया में शामिल होने वाले भाजपा नेताओं को जनता के सामने जवाब देना होगा।
सिंघार ने अपनी पोस्ट में प्रदेश की जनता से इस पूरे मामले पर नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्यसभा नामांकन के दौरान सामने आने वाले भाजपा नेताओं की भूमिका पर भी सवाल किए जाने चाहिए। इस बयान के जरिए उन्होंने हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने के फैसले पर भाजपा को घेरने की कोशिश की है।
एमपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने को प्रदेश की गरिमा और क्षेत्रीय अस्मिता की अनदेखी बताया है। उन्होंने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से इस फैसले के पीछे की वजह स्पष्ट करने की मांग की। पटवारी ने एपस्टीन फाइल्स में पुरी के नाम का उल्लेख होने को लेकर उठ रहे सवालों का हवाला देते हुए भी जवाब मांगा है।
जीतू पटवारी ने घोषणा की है कि हरदीप सिंह पुरी जब एमपी में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने आएंगे तब कांग्रेस के विधायक और कार्यकर्ता उन्हें काले झंडे दिखाकर उनका विरोध दर्ज कराएंगे। पटवारी ने कहा कि प्रदेश की गरिमा जनता के सम्मान और राजनीतिक जवाबदेही के मुद्दे पर कांग्रेस अपना विरोध जताएगी। इस ऐलान के बाद राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।