

MP Congress Organization Reshuffle: मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है। नई दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई हाई-लेवल समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी विभागों, प्रकोष्ठों (सेल), मोर्चों और कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कवायद के तहत अब प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक नई टीम का गठन किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली में हुई समीक्षा बैठक में मध्य प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों और संगठन के कामकाज का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में कई जिलों में संगठन की निष्क्रियता, गुटबाजी और अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने पर गंभीर चर्चा हुई। इसके बाद संगठन में व्यापक बदलाव की सहमति बनी।
कांग्रेस नेतृत्व अब संगठन में प्रदर्शन आधारित व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। पार्टी का स्पष्ट संदेश है कि जो पदाधिकारी केवल पद पर बने हुए हैं, लेकिन संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम नहीं कर रहे, उन्हें जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाएगा। पार्टी अब ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगे लाना चाहती है जो जमीनी स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं और संगठन को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी को पूरी तरह पुनर्गठित किया जाएगा। इसके साथ ही जिला कांग्रेस कमेटियों में भी बड़े स्तर पर फेरबदल की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि कई जिलाध्यक्षों की जिम्मेदारी बदली जा सकती है और उनकी जगह नए चेहरों को मौका मिलेगा। संगठन के सभी विभागों और प्रकोष्ठों का गठन भी नए सिरे से किया जाएगा।
कांग्रेस आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन में युवा, महिला और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है। आईटी सेल, मीडिया विभाग, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, किसान कांग्रेस सहित सभी प्रकोष्ठों में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। पार्टी का लक्ष्य संगठन को अधिक सक्रिय, मजबूत और चुनावी चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस का यह संगठनात्मक बदलाव आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और चुनावी तैयारी की दिशा तय करेगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई टीम में किन नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिलती है।