

Umang Singhar Mining Lease Allegation: मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर खनन लीज के नवीनीकरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में खनन पट्टाधारकों पर करीब 305 करोड़ 97 लाख रुपये की पेनल्टी बकाया होने के बावजूद सरकार उनसे राशि की वसूली किए बिना उनकी लीज का नवीनीकरण कर रही है। सिंघार ने इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगा है।
उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया X पर जारी अपने बयान में कहा कि प्रदेश सरकार खनन माफियाओं के प्रति जरूरत से ज्यादा नरम रवैया अपना रही है। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये की बकाया पेनल्टी होने के बावजूद संबंधित खनन पट्टाधारकों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें राहत दी जा रही है। उन्होंने इसे सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला बताया।
नेता प्रतिपक्ष ने अपने बयान में दावा किया कि इस मामले पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने राज्य सरकार से एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उमंग सिंघार का कहना है कि न्यायालय की इस कार्रवाई के बाद सरकार को पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं खनिज साधन विभाग की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। ऐसे में खनन लीज के नवीनीकरण, बकाया पेनल्टी और वसूली नहीं होने जैसे मामलों पर जवाबदेही भी सरकार की बनती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित खनन पट्टाधारकों पर करोड़ों रुपये की देनदारी है तो वसूली से पहले लीज का नवीनीकरण किस आधार पर किया गया।
फिलहाल इस मामले में राज्य सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष के आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति में खनन लीज और बकाया पेनल्टी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मामले की वास्तविक स्थिति न्यायालय में सरकार के जवाब और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद अधिक स्पष्ट हो सकेगी।