ट्विशा शर्मा केस: जिन अपराधियों को सुनाई थी कभी सजा, अब उन्हीं के बीच जेल में रह रहीं पूर्व जज गिरिबाला सिंह

Bhopal Central Jail: ट्विशा केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल सेंट्रल जेल में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। गिरिबाला उन्हीं कैदियों के बीच है, जिसे उन्होंने कभी सजा सुनाई थी।
Twisha Sharma Case Giribala Singh Jail Security
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Twisha Sharma Case Giribala Singh Jail Security: राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले में न्यायिक हिरासत में भेजी गईं पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह पिछले पांच दिनों से भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं। इस मामले का सबसे दिलचस्प और संवेदनशील पहलू यह है कि जिस जेल में दोनों आरोपी रखे गए हैं, वहीं ऐसे 29 कैदी भी मौजूद हैं जिन्हें जज रहते हुए गिरिबाला सिंह ने विभिन्न मामलों में सजा सुनाई थी। ऐसे में जेल प्रशासन के सामने उनकी सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।

सूत्रों के मुताबिक, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को सामान्य कैदियों की तरह नहीं रखा गया है। जेल प्रशासन ने उनके लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, जो आमतौर पर कुख्यात अपराधियों, हाई-प्रोफाइल आरोपियों या आतंकवाद से जुड़े मामलों के कैदियों के लिए अपनाई जाती है। सुरक्षा कारणों से दोनों को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जेल के अंदर ‘एक और जेल’ जैसी व्यवस्था

जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों को जेल परिसर में खुलकर घूमने की अनुमति नहीं है। उनके बैरकों के बाहर अतिरिक्त नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी जेल मुख्यालय स्तर से की जा रही है। गिरिबाला सिंह के वार्ड के बाहर सात महिला प्रहरी और समर्थ सिंह की बैरक के बाहर पांच प्रहरी तैनात किए गए हैं। कुल 12 सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे उनकी निगरानी में लगे हुए हैं। जेल सूत्रों का कहना है कि दोनों आरोपियों को ऐसी सुरक्षा व्यवस्था में रखा गया है मानो वे जेल के भीतर ही एक अलग जेल में हों।

सुरक्षा खतरा बढ़ा तो दूसरी जेल में हो सकता है ट्रांसफर

कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि भविष्य में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीर खतरा सामने आता है तो जेल प्रशासन अदालत से उन्हें किसी अन्य केंद्रीय जेल में स्थानांतरित करने की अनुशंसा कर सकता है। चूंकि मामला अत्यंत संवेदनशील और चर्चित है, इसलिए प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं है।

पूर्व जज द्वारा दंडित महिला कैदी को किया गया शिफ्ट

सुरक्षा व्यवस्था के तहत जेल प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उस महिला कैदी को भी दूसरी बैरक में स्थानांतरित कर दिया है, जिसे कभी गिरिबाला सिंह ने सजा सुनाई थी। बताया जाता है कि कोमल पांडे नामक महिला कैदी को साल 2013 के एक कथित मेडिकल एडमिशन फ्रॉड और जालसाजी मामले में गिरिबाला सिंह की अदालत ने दोषी ठहराया था। संभावित टकराव या सुरक्षा जोखिम को देखते हुए उसे जेल के दूसरे हिस्से में भेज दिया गया है।

जांच अंतिम चरण में, चार सप्ताह में आ सकती है चार्जशीट

इस बीच ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जांच की दिशा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा रहा है कि सीबीआई ने रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की दोबारा रिमांड नहीं मांगी। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी अब साक्ष्यों और दस्तावेजों को अंतिम रूप देने में जुटी है और यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले चार सप्ताह के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।

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