

Sagar Liquor Case : सागर के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इंदौर रवाना होने से पहले भोपाल बीजेपी कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम ने सागर में पुलिस मुठभेड़ और आरोपियों के खिलाफ की जा रही बुलडोजर कार्रवाई का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है और अपराधियों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। सरकार का संदेश साफ है कि जहरीली शराब के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बंडा जहरीली शराब कांड में फरार चल रहे 20 हजार रुपए के इनामी आरोपी रवि लखेरा को पुलिस ने बारायठा के जंगलों से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक वह अपने दो साथियों के साथ हनुमान टोक इलाके में छिपा हुआ था। घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और उनके बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की गोली रवि लखेरा के दाहिने पैर में लगी। घायल आरोपी को पहले बंडा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सागर रेफर करने की तैयारी की गई।
एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया के मुताबिक पुलिस को मुखबिर से रवि लखेरा के जंगल में छिपे होने की सूचना मिली थी। टीम ने इलाके की घेराबंदी की तो आरोपी अपने साथियों के साथ भागने लगा। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में रवि के पैर में गोली लगी। उसके दो साथी पुलिस को चकमा देकर जंगल की ओर भाग गए, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस की जांच में रवि लखेरा की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि उसने मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर को जहरीली शराब तैयार करने का तरीका बताया था। पुलिस के मुताबिक रवि के खिलाफ पहले से करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी वजह से उसकी तलाश लंबे समय से चल रही थी और उस पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
रवि लखेरा पर अवैध शराब कारोबार से जुड़े गंभीर आरोप भी हैं। बताया गया है कि उसने छतरपुर और निवाड़ी में सात लाइसेंसी शराब दुकानें हासिल की थीं। आरोप है कि इसी वैध कारोबार की आड़ में उसने मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा के पास ललितपुर की गंगापुरम कॉलोनी में नकली शराब बनाने का ठिकाना तैयार किया। यहां से सस्ती नकली शराब की सप्लाई किए जाने का भी आरोप है।
सागर पुलिस कार्रवाई के साथ प्रशासन ने आरोपियों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने आरोपी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू के बंडा स्थित मकान में अवैध निर्माण को बुलडोजर से हटाया। इसके अलावा ततरवारा में चंद्रभान सिंह के एक मकान, आशीष साहू के मकान और मनीष लोधी के तीन मकानों पर भी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई पुलिस, प्रशासन और बंडा नगर पालिका की संयुक्त टीम ने की।
सागर जहरीली शराब मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद सरकार की सख्ती, पुलिस मुठभेड़ और आरोपियों के ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई ने मामले को प्रदेश की बड़ी खबर बना दिया है।