

Buffaloes At Rani Kamlapati Railway Station: भोपाल के करीब 450 करोड़ रुपए की लागत से विकसित वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर दो भैंसें घूमती और दौड़ती नजर आईं।
इसी प्लेटफॉर्म पर शताब्दी एक्सप्रेस खड़ी थी और बड़ी संख्या में यात्री आवाजाही कर रहे थे। घटना का वीडियो मंगलवार को सामने आया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दोनों भैंसें प्लेटफॉर्म पर घूमती और दौड़ती दिखाई दे रही हैं। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर यात्री और रेलवे स्टाफ भी मौजूद था। भैंसों के घूमने के कारण यात्रियों के बीच असहज स्थिति बन गई। प्लेटफॉर्म पर जगह-जगह गोबर भी पड़ा नजर आया। सवाल यह है कि स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मवेशी प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंच गए।
स्टेशन प्रशासन के अनुसार, परिसर को चारों तरफ से सुरक्षित किया गया है। हालांकि, कुछ एंट्री और एग्जिट हिस्से अभी भी खुले हैं। प्रारंभिक तौर पर इन्हीं रास्तों के जरिए मवेशियों के स्टेशन परिसर में प्रवेश करने की बात सामने आई है। घटना के बाद इन खुले हिस्सों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे रास्तों को सुरक्षित करना जरूरी माना जा रहा है।
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का करीब 450 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास किया गया है। इसमें लगभग 100 करोड़ रुपए मुख्य भवन और यात्री सुविधाओं पर खर्च किए गए, जबकि करीब 350 करोड़ रुपए व्यावसायिक विकास के लिए निर्धारित किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2021 को पुनर्विकसित स्टेशन का उद्घाटन किया था। इसे मध्य प्रदेश का पहला वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बताया गया था।
स्टेशन में 84×36 मीटर का AC एयर-कॉनकर्स, 700 से अधिक यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, 11 एस्केलेटर, 6 लिफ्ट और 3 ट्रैवलेटर हैं। यात्रियों के लिए फूड कोर्ट, रिटेल जोन, AC वेटिंग लाउंज, डॉरमेट्री और VIP लाउंज जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। सुरक्षा और निगरानी के लिए करीब 160 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म तक दो भैंसों के पहुंचने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।