

Mohan Bhagwat Balaghat Visit : बालाघाट के लांजी क्षेत्र के ग्राम कारंजा में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत पहुंचे। उन्होंने यहां नवनिर्मित स्मृति भवन और बालासाहेब देवरस माधव नेत्रालय का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों के साथ संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि पिछले 200 वर्षों में भारत में जितने महापुरुष हुए हैं, उतने पूरी दुनिया के इतिहास में देखने को नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि भारत की मिट्टी में सेवा और संवेदना का भाव है। दूसरों के दुख को देखकर हमारी आंखें नम हो जाती हैं। उन्होंने एक विमान से जुड़े प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में अपने प्राणों की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने का प्रयास करना भारतीय संस्कार और सेवा भावना का परिचायक है।
मोहन भागवत ने बालासाहेब देवरस और भाऊराव देवरस के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों भाइयों का संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहा। वे सामान्य व्यवहार के साथ समाज और राष्ट्र के लिए निरंतर कार्य करते रहे और भारत की सेवा को अपना जीवन ध्येय बनाया।
ग्राम कारंजा में निर्मित स्मृति भवन का उद्देश्य संघ के तृतीय सरसंघचालक बालासाहेब देवरस और उनके छोटे भाई भाऊराव देवरस के जीवन, विचार, कार्य एवं संघ से जुड़े योगदान की स्मृतियों को संरक्षित और प्रदर्शित करना है। सेवा न्यास के अनुसार भवन के माध्यम से देवरस बंधुओं के सामाजिक एवं राष्ट्रसेवा से जुड़े कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। बालासाहेब देवरस संघ के तृतीय सरसंघचालक रहे, जबकि भाऊराव देवरस प्रचारक के रूप में संगठन कार्य से जुड़े रहे।
लोकार्पित बालासाहेब देवरस माधव नेत्रालय का संचालन माधव नेत्रालय द्वारा किया जाएगा। इसके माध्यम से कारंजा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र जांच एवं उपचार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर नेत्र संबंधी सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है। कारंजा में बालासाहेब देवरस से जुड़े सेवा प्रकल्पों के तहत पहले से ही स्कूल, आवासीय विद्यालय, गौशाला और सिलाई प्रशिक्षण केंद्र सहित विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
डॉ. मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर कारंजा में व्यापक तैयारियां की गई थीं। आयोजन स्थल पर करीब दो हजार लोगों के बैठने के लिए पंडाल बनाया गया था। संघ पदाधिकारियों ने कार्यक्रम से पहले तैयारियों को लेकर बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
डॉ. मोहन भागवत के बालाघाट जिले में आगमन को देखते हुए कारंजा में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में करीब 1500 जवानों की तैनाती की गई। इनमें सीआरपीएफ, हॉक फोर्स, जिला पुलिस बल के साथ सीआईएसएफ के जवान भी शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई थी। कार्यक्रम स्थल और आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा तथा सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए।