ट्विशा शर्मा केस: जानिए आखिर क्यों भोपाल AIIMS की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल; दोबारा PM पर अड़ा परिवार
Twisha Sharma Case Update: ट्विशा शर्मा केस में एम्स की PM रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि पुलिस ने डॉक्टरों को फांसी वाला बेल्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराया था।
- Written By: सजल रघुवंशी
ट्विशा शर्मा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Twisha Sharma Case Bhopal AIIMS Postmortem Report: कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में हुई द्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है। मृतका के परिजन इसे दहेज हत्या करार देते हुए निष्पक्ष जांच और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं।
वहीं, ससुराल पक्ष ने मृतका की मानसिक स्थिति और नशे की लत को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि भोपाल जिला न्यायालय ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे केस ने नया मोड़ ले लिया है।
भोपाल एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल भोपाल एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर खड़ा हुआ है। रिपोर्ट में सामने आया कि जिस बेल्ट से द्विशा के फांसी लगाने की बात कही जा रही है, वह बेल्ट पुलिस ऑटोप्सी के दौरान डॉक्टरों के पास लेकर ही नहीं पहुंची थी। ऐसे में डॉक्टर यह पुष्टि नहीं कर सके कि गले पर मिले निशान उसी बेल्ट से बने थे या नहीं। इस चूक के बाद पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मामले की जांच कर रहे एसआईटी प्रमुख और मिसरोद एसीपी रजनीश कश्यप ने भी इस लापरवाही को स्वीकार करते हुए बताया कि बाद में बेल्ट को एफएसएल टीम के माध्यम से एम्स भोपाल में जमा कराया गया।
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दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ा ट्विशा का परिवार
मृतका का परिवार लगातार दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने और मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी या अन्य राज्य से कराने की मांग कर रहा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस कमिश्नर ने पहले दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में फैसला बदल दिया गया। नवनिधि शर्मा का कहना है कि शव को जानबूझकर लंबे समय तक रोके रखा गया, ताकि वह डीकंपोज हो जाए और अहम फोरेंसिक सबूत कमजोर पड़ जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो लोगों का कानून व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा। अब परिवार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
बिना पुलिस को सूचना दिए अस्पताल पहुंचाया गया शव
ट्विशा शर्मा का शव फंदे से लटका मिला था। जानकारी के अनुसार, सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस को सूचना दिए बिना शव को अस्पताल क्यों ले जाया गया। इस वजह से घटनास्थल की तत्काल फोरेंसिक जांच नहीं हो सकी। पुलिस ने इसे जांच का अहम पहलू बताते हुए कहा कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन परिस्थितियों में शव को अस्पताल पहुंचाया गया।
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ट्विशा की चैट्स भी उठा रहे कई सवाल
मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कथित चैट्स ने भी कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। इन चैट्स में द्विशा अपनी मां से उसे वापस ले जाने की गुहार लगाती नजर आ रही है। एक संदेश में उसने कथित तौर पर अपनी जिंदगी को नर्क जैसी बताते हुए मानसिक परेशानियों का जिक्र किया है। चैट्स में पति समर्थ सिंह पर शक करने और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप भी सामने आए हैं। इसके अलावा यह दावा भी किया गया है कि समर्थ सिंह गर्भपात को लेकर उससे सवाल करता था और उसके पिता से माफी मंगवाने का दबाव बना रहा था।
