प्रीतम लोधी का बड़ा खुलासा: 65 केस झेले, जेल गया लेकिन विचारधारा नहीं छोड़ी, कांग्रेस पर प्रताड़ना का आरोप

Pichhore MLA News: पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने इंटरव्यू में कांग्रेस शासनकाल में प्रताड़ना, अपने ऊपर दर्ज 65 मामलों, जेल संघर्ष, डाकू वाले बयान और जातीय विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी।
Pritam Lodhi Interview
प्रीतम लोधी (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Pritam Lodhi Interview: अपने बेबाक बयानों और विवादों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने नवभारत लाइव को दिए अपने इंटरव्यू में अपने राजनीतिक जीवन, कांग्रेस शासन के दौरान कथित प्रताड़ना, अपने ऊपर दर्ज मामलों, जातीय विवाद और डाकू से जुड़े बयान पर खुलकर बात की। लोधी ने दावा किया कि जनसंघ और भाजपा की विचारधारा से जुड़े होने की वजह से उन्हें दशकों तक राजनीतिक और कानूनी संघर्ष झेलना पड़ा।

प्रीतम लोधी ने कहा कि उनके पिता जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता थे और वे स्वयं भी शुरू से उसी विचारधारा से जुड़े रहे। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकारों के दौरान उन्हें और उनके परिवार को लगातार निशाना बनाया गया। राजनीतिक दबाव बनाने के लिए कई पुलिस मामले दर्ज किए गए और वर्षों तक अदालतों और जेलों के चक्कर लगाने पड़े।

65 से ज्यादा मामले दर्ज

विधायक ने दावा किया कि उनके ऊपर करीब 65 आपराधिक और राजनीतिक प्रकृति के मामले दर्ज किए गए। उनका कहना है कि इनमें से अधिकांश मामले राजनीतिक विरोध और विचारधारा की लड़ाई का परिणाम थे। लोधी के अनुसार उन्होंने अपने जीवन के करीब 30 साल मुकदमों, पुलिस कार्रवाई और जेल के बीच संघर्ष करते हुए बिताए हैं।

बयान का गलत अर्थ निकाला

इंटरव्यू के दौरान उस विवाद का भी जिक्र हुआ, जब प्रीतम लोधी ने एक पूर्व दस्यु को अपना "भाई" बताया था। इस बयान को लेकर विपक्ष ने उन पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इस पर सफाई देते हुए लोधी ने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया।

बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया

कुछ समय पहले एक जाति विशेष को लेकर दिए गए बयान पर हुए विवाद को लेकर भी विधायक ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके लिए सभी जातियां और समाज के सभी वर्ग एक परिवार की तरह हैं। राजनीतिक विरोधी उनके पुराने वीडियो और बयानों को काट-छांट कर पेश करते हैं, जिससे गलत संदेश जाता है।

संघर्षों से भरा रहा राजनीतिक जीवन

प्रीतम लोधी ने कहा कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन संघर्षों से भरा रहा है। तमाम विवादों, मुकदमों और विरोध के बावजूद उन्होंने संगठन और अपनी विचारधारा का साथ नहीं छोड़ा। उनका कहना है कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, वह कार्यकर्ताओं के विश्वास और लंबे संघर्ष का परिणाम है।

नई बहस को जन्म दे सकते हैं बयान

प्रीतम लोधी के इस इंटरव्यू में जहां उन्होंने कांग्रेस पर वर्षों तक प्रताड़ित करने का आरोप लगाया, वहीं अपने ऊपर दर्ज 65 मामलों, डाकू से जुड़े विवादित बयान और जातीय टिप्पणी को लेकर भी खुलकर सफाई दी। उनके ये बयान आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकते हैं।

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