भोपाल: NSUI कार्यकर्ता गिरफ्तार, धर्मेंद्र प्रधान को दिखाने वाले थे काले झंडे, उमंग सिंघार ने दी प्रतिक्रिया

Umang Singhar Statement: भोपाल में धर्मेंद्र प्रधान के दौरे के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन की कोशिश की। पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
Bhopal Nsui Protest
कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करती पुलिस (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Bhopal NSUI Protest: राजधानी भोपाल में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दौरे के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि एनएसयूआई कार्यकर्ता नीट परीक्षा पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए केंद्रीय मंत्री को काले झंडे दिखाने की तैयारी में थे।

पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के सामने से ही कार्रवाई करते हुए एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को रोक दिया और एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे तथा प्रवक्ता अभिनव बरोलिया को टीटीनगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हटाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया।

पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन

एनएसयूआई कार्यकर्ता नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान का विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार हो रही गड़बड़ियों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार इस दिशा में गंभीर कदम नहीं उठा रही है।

उमंग सिंघार ने दी प्रतिक्रिया

इधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भोपाल दौरे के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों से परीक्षा को लेकर भरोसा रखने की अपील की, लेकिन देश के करोड़ों युवाओं का भरोसा पहले ही व्यवस्था से टूट चुका है।

खुदकुशी करने वाली छात्रा का जिक्र

उमंग सिंघार ने मऊगंज की एक छात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच मानसिक दबाव के कारण एक प्रतिभाशाली बेटी की मृत्यु ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत

उन्होंने आगे कहा कि छात्रों के सपने और मेहनत तब प्रभावित होते हैं जब परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि केवल दोबारा परीक्षा कराने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पूरी प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है।