NEET-UG री-एग्जाम को लेकर MP सरकार मुस्तैद, मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- पूरी पारदर्शिता से होगी परीक्षा
Mohan Yadav Statement On NEET: दोबारा हो रही NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि पूरी पारदर्शिता से एग्जाम होगा। उन्होंने परीक्षा के दौरान व्यवस्थाओं की भी जानकारी दी है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
मुख्यमंत्री मोहन यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
NEET UG 2026 Re-Exam Security: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को आयोजित की गई NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक विवाद के बाद निरस्त कर दिया गया था। अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद आगामी 21 जून को यह परीक्षा दोबारा आयोजित होने जा रही है। मध्य प्रदेश में इस परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद कमान संभालते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा हमारी सरकार भारत सरकार के साथ लगातार सहयोग में है। बीते समय परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक जैसी घटनाओं को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सारे पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि किसी भी कारण से दोबारा ऐसी नौबत न आए।
संवेदनशील केंद्रों पर कड़ा पहरा, OMR मोड में होगी परीक्षा
यह परीक्षा पूरी तरह से ऑफलाइन (OMR) मोड में होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि मध्य प्रदेश के बड़े शहरों और संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही छात्रों और उनके अभिभावकों की सहूलियत का भी ध्यान रखा जाएग। परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, रिफ्रेशमेंट (अल्पाहार) और मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से मिलेंगी। साथ ही केंद्रों के बाहर अभिभावकों के बैठने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।
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डिजिटल ‘लॉकडाउन’: एक्सपर्ट्स नजरबंद, इंटरनेट पर बैन
नीट री-एग्जाम को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र और NTA ने इस बार बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचा तैयार किया है, जिसके तहत पेपर तैयार करने वाले विशेषज्ञों को परीक्षा समाप्त होने तक गोपनीय स्थानों पर ‘आइसोलेशन’ में रखा गया है। परीक्षा से जुड़ी कोई भी जानकारी बाहर न जा सके, इसके लिए मोबाइल फोन और इंटरनेट के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, पावर बैकअप, मेडिकल इमरजेंसी व्यवस्था और मॉक ड्रिल जैसे कड़े प्रबंध किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया है कि परीक्षा के बाद सभी फुटेज की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।
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अफवाह फैलाने और गड़बड़ी करने वालों को होगी जेल
केंद्र और राज्य सरकार ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने, किसी भी तरह की धांधली करने या सोशल मीडिया पर पेपर लीक से जुड़ी अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में कई गुना मजबूत है।
