NCRB Report: ST के खिलाफ अपराध में टॉप पर MP, प्रदेश में हर तीन घंटे में दर्ज हो रहा एक रेप केस

NCRB Crime In India Report: क्राइम इन इंडिया 2024 रिपोर्ट के मुताबिक ST के खिलाफ अपराधों में MP पहले नंबर पर है। प्रदेश में हर तीन घंटे में रेप केस दर्ज हो रहा है। हत्या के मामलों में गिरावट आई है।
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कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Madhya Pradesh Crime Report: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट में मध्य प्रदेश की स्थिति कई मामलों में चिंताजनक सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के खिलाफ अपराध के मामलों में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर है। वहीं रेप, अपहरण, दहेज हत्या और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में भी प्रदेश टॉप राज्यों में शामिल रहा।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने यह रिपोर्ट 6 मई 2026 को जारी की। रिपोर्ट में वर्ष 2024 के दौरान देशभर में दर्ज अपराधों के आंकड़े शामिल किए गए हैं। यह रिपोर्ट सामान्यतः सितंबर 2025 में जारी होनी थी, लेकिन इस बार डेटा सत्यापन और अपराध रिकॉर्ड के मिलान के कारण देरी से प्रकाशित की गई।

राज्य में हर तीन घंटे में एक रेप केस

रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में हर तीन घंटे में एक रेप केस दर्ज हो रहा है। इसके अलावा राज्य में हर दिन औसतन 32 अपहरण के मामले सामने आए। अपहरण के मामलों में प्रदेश देश में चौथे स्थान पर रहा।

दहेज हत्या में तीसरे नंबर पर रहा MP

रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में मध्य प्रदेश में दहेज हत्या के 450 मामले दर्ज किए गए। इनमें 232 मामले IPC और 218 मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज हुए। दहेज हत्या के मामलों में उत्तर प्रदेश पहले और बिहार दूसरे स्थान पर रहा, जबकि मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर रहा।

महिला अपराध में पांचवें नंबर पर

महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में मध्य प्रदेश लगातार चौथे साल देश में पांचवें स्थान पर रहा। राज्य में 2024 के दौरान महिलाओं से जुड़े 32,832 मामले दर्ज किए गए। 2022 में यह संख्या 32,765 थी, जो 2023 में घटकर 32,342 हुई थी। 2024 में औसतन हर दिन 90 से ज्यादा महिला अपराध दर्ज किए गए।

हत्या और अपहरण में चौथा स्थान

NCRB रिपोर्ट के अनुसार हत्या और अपहरण दोनों मामलों में मध्य प्रदेश देश में चौथे स्थान पर रहा। हालांकि हत्या के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। 2022 में हत्या के 1978 केस दर्ज किए गए थे, जो 2023 में घटकर 1832 पर आ गए और 2024 में इनकी संख्या 1813 दर्ज की गई। इधर अपहरण के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। 2022 में अपहरण के 10409 केस सामने आए थे, जो 2023 में बढ़कर 11768 पर पहुंच गए और 2024 में इनकी संख्या 11847 दर्ज की गई। अपहरण के मामलों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के बाद मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर रहा।

ST अत्याचार में देश में सबसे आगे

अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के खिलाफ अपराध के मामलों में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। राज्य में ST वर्ग के खिलाफ 3,165 मामले दर्ज किए गए। वहीं अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के खिलाफ अपराध के 7,765 मामलों के साथ प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा।

बच्चों के खिलाफ अपराध में तीसरे स्थान पर पहुंचा MP

रिपोर्ट में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में कुछ राहत भी दिखाई दी। पिछले साल इस श्रेणी में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर था, लेकिन इस बार राज्य तीसरे स्थान पर पहुंच गया। NCRB के अनुसार 2024 में बच्चों के खिलाफ अपराध के 21,908 मामले दर्ज किए गए।

MP में POCSO के 3721 केस

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में मध्य प्रदेश में POCSO (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्स) के 3721 मामले दर्ज किए गए। इस मामले में प्रदेश देश में चौथे स्थान पर रहा। तमिलनाडु में सबसे ज्यादा 5320 मामले दर्ज हुए, जबकि महाराष्ट्र में 4829 और उत्तर प्रदेश में 3671 मामले सामने आए।

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