

Madhya Pradesh Weather Today : मध्य प्रदेश में कुछ दिनों से थमा बारिश का दौर अब दोबारा जोर पकड़ सकता है। प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां फिर बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा अगले दिन से इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।
शुक्रवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मिला-जुला रहने का अनुमान है। कुछ जगहों पर धूप निकल सकती है, जबकि कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ इस समय सक्रिय हैं। इसके अलावा प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते बारिश के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है और आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
पिछले तीन दिनों में प्रदेश में तेज बारिश का दौर नहीं रहा। इसका असर तापमान और उमस के रूप में देखने को मिला। गुरुवार को भोपाल में तेज धूप रही। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी मौसम साफ रहा। बारिश से मिली राहत के बाद अब उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 795.3 मिलीमीटर यानी करीब 31.3 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य आंकड़ा 862.5 मिलीमीटर यानी 33.9 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में अभी करीब 2.6 इंच बारिश की कमी बनी हुई है। कुल बारिश सामान्य से 8 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में कमी करीब 2 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 13 प्रतिशत है।
बारिश के आंकड़ों में सबसे ज्यादा पिछड़ने वाले जिलों में पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिले शामिल हैं। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। इन जिलों में कमी 1 से 56 प्रतिशत तक है।
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान भी रहा है। अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
पिछले एक सप्ताह में खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है। कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बनने के कारण सीजन का आंकड़ा भी ऊपर आया है। अब मानसूनी सिस्टम दोबारा सक्रिय होने से आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बढ़ने की उम्मीद है।