आकाश विजयवर्गीय के जन्मदिन पर इंदौर में लगे ‘युवराज’ वाले पोस्टर, कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना

BJP Congress Politics : आकाश विजयवर्गीय के जन्मदिन पर इंदौर में लगे ‘मध्य प्रदेश का युवराज’ वाले पोस्टरों पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने बीजेपी पर राजशाही मानसिकता का आरोप लगाया।
Former BJP MLA Akash Vijayvargiya featured on birthday posters calling him the Prince of Madhya Pradesh.
इंदौर में लगे आकाश विजयवर्गीय के पोस्टरफोटो सोर्स - नवभारत
Published on
Updated on

Akash Vijayvargiya Birthday Poster : इंदौर में बीजेपी के पूर्व विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय के जन्मदिन पर लगाए गए पोस्टर सियासी चर्चा का विषय बन गए हैं। समर्थकों की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों में आकाश विजयवर्गीय को ‘मध्य प्रदेश का युवराज’ बताया गया है। पोस्टरों को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है और इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के बजाय राजशाही वाली मानसिकता से जोड़ दिया है।

दरअसल, आकाश विजयवर्गीय ने 2 सितंबर को सोशल मीडिया के जरिए समर्थकों से अपील की थी कि उनके जन्मदिन पर शहर में बैनर और पोस्टर न लगाए जाएं। इसके बावजूद इंदौर में जगह-जगह उनके जन्मदिन के पोस्टर और बैनर दिखाई दिए। यही वजह है कि अब पोस्टरों को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। सवाल उठ रहा है कि जब खुद आकाश ने पोस्टर नहीं लगाने की अपील की थी, तो इसके बावजूद समर्थकों ने बड़ी संख्या में पोस्टर क्यों लगाए।

‘मध्य प्रदेश का युवराज’ लिखने पर कांग्रेस का हमला

पोस्टरों में इस्तेमाल किए गए ‘मध्य प्रदेश का युवराज’ शब्द ने विवाद को और बढ़ा दिया है। कांग्रेस के मीडिया कॉर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में विश्वास और सम्मान की कमी के कारण बीजेपी के पूर्व विधायक और मंत्री पुत्र को उनके जन्मदिन पर समर्थकों ने प्रदेश का युवराज घोषित कर दिया है।

राजशाही जैसी सत्ता चला रही बीजेपी

नीलाभ शुक्ला ने आरोप लगाया कि बीजेपी राजशाही जैसी सत्ता चला रही है और उसके नेता पुत्रों को युवराज के तौर पर पेश किया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे बीजेपी के चाल, चरित्र और चेहरे से जोड़ते हुए सवाल उठाया है कि लोकतांत्रिक राजनीति में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है।

2019 के ‘बल्लाकांड’ से भी चर्चा में आए थे आकाश

आकाश विजयवर्गीय इससे पहले भी विवादों के कारण सुर्खियों में रह चुके हैं। वर्ष 2019 में इंदौर के गंजी कंपाउंड में नगर निगम की कार्रवाई के दौरान अधिकारी से विवाद और क्रिकेट बैट से मारपीट का वीडियो सामने आया था। इस घटना को ‘बल्लाकांड’ के नाम से देशभर में चर्चा मिली थी। उस समय आकाश इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 से बीजेपी विधायक थे। घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में अदालत ने आकाश विजयवर्गीय समेत आरोपियों को इस मामले में बरी कर दिया था।

पोस्टर में ‘युवराज’ शब्द ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

अब जन्मदिन के पोस्टरों में ‘मध्य प्रदेश का युवराज’ लिखे जाने के बाद आकाश विजयवर्गीय को लेकर राजनीतिक चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। मामला सिर्फ जन्मदिन के पोस्टरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इस शब्द के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि यह समर्थकों का महज उत्साह है या फिर आकाश विजयवर्गीय के राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई संदेश देने की कोशिश।

Former BJP MLA Akash Vijayvargiya featured on birthday posters calling him the Prince of Madhya Pradesh.
उज्जैन में सिंहस्थ चौड़ीकरण को हाई कोर्ट से हरी झंडी; गोपाल मंदिर मार्ग स्थित शाही मस्जिद की याचिकाएं खारिज

इंदौर में ‘युवराज बनाम लोकतंत्र’ की सियासत

एक तरफ कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय की ओर से पोस्टर और बैनर नहीं लगाने की अपील के बावजूद शहर में पोस्टर लगाए गए, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने ‘युवराज’ शब्द को मुद्दा बनाकर बीजेपी पर हमला बोल दिया है। फिलहाल जन्मदिन के पोस्टरों से शुरू हुआ यह विवाद इंदौर की सियासत में ‘युवराज बनाम लोकतंत्र’ की बहस में बदलता नजर आ रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com