

Chhindwara Cough Syrup Case : बहुचर्चित छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में 26 बच्चों की मौत के मामले के बीच निलंबित किए गए दो ड्रग इंस्पेक्टरों की बहाली ने सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरव शर्मा और शरद कुमार जैन को निलंबन के करीब 11 महीने बाद बहाल कर दिया गया है। खास बात यह है कि दोनों के खिलाफ विभागीय जांच और एसटीएफ की जांच अभी जारी है। इसके अलावा बहाली से पहले शासन की अनुमति लिए जाने की बात भी सामने नहीं आई है।
गौरव शर्मा और शरद कुमार जैन को कफ सिरप कांड के बाद 6 अक्टूबर 2025 को निलंबित किया गया था। दोनों के खिलाफ 19 फरवरी 2026 से विभागीय जांच शुरू हुई थी। बताया गया कि अधिकारियों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए थे। इसके बावजूद 23 सितंबर को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त नियंत्रक टीना यादव के हस्ताक्षर से दोनों अधिकारियों की बहाली के आदेश जारी कर दिए गए।
बहाली के बाद दोनों अधिकारियों की नई पदस्थापना भी कर दी गई है। गौरव शर्मा को छिंदवाड़ा से हटाकर गुना में उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पद पर भेजा गया है। वहीं शरद कुमार जैन को जबलपुर में ही उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। वे पहले भी जबलपुर में पदस्थ रह चुके हैं। जांच के दौरान शरद कुमार जैन को वापस जबलपुर में पदस्थ किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
बहाली के मामले में शासन की पूर्व सहमति नहीं लिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि शासन की सहमति के बिना औषधि निरीक्षकों की बहाली की जानकारी उनके संज्ञान में आई है। मंत्री ने पूरे मामले की जांच कराने और संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश उच्चाधिकारियों को दिए हैं।
कफ सिरप कांड की जांच के बीच मुख्य आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की जमानत याचिका हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। एक तरफ मामले में एसटीएफ और विभागीय जांच जारी है, वहीं दूसरी तरफ निलंबित अधिकारियों की बहाली को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। इसी वजह से दोनों अधिकारियों की बहाली का मामला चर्चा में है।
कफ सिरप कांड के बाद निलंबित किए गए एक अन्य अधिकारी डिप्टी ड्रग कंट्रोलर शोभित कोष्ठा की बहाली की फाइल भी शासन के पास पहुंचने की जानकारी है। प्रस्ताव में उन्हें बहाल कर दोबारा मुख्यालय में पदस्थ करने की बात सामने आई है। ऐसे में दो अधिकारियों की बहाली के बाद अब तीसरे अधिकारी की बहाली की तैयारी ने भी मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।