

एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई MP की राज्यसभा सीट पर आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू।
बीजेपी में वनथी श्रीनिवासन, अरविंद भदौरिया और रंजना बघेल समेत कई नाम चर्चा में।
राहुल कोठारी, आशीष अग्रवाल और शैलेंद्र बरुआ भी संभावित दावेदारों में शामिल।
बीजेपी ने अब तक उम्मीदवार घोषित नहीं किया, पार्टी के फैसले पर सबकी नजर।
BJP Contenders For L Murugan Vacant Rajya Sabha Seat: मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा की एक सीट को लेकर हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे से रिक्त हुई इस सीट पर उपचुनाव के लिए आज अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। भारतीय जनता पार्टी में संभावित उम्मीदवारों को लेकर कई नाम चर्चा में हैं।
इनमें मध्य प्रदेश के नेताओं के साथ दूसरे राज्यों के नेताओं के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, पार्टी ने अब तक अपने प्रत्याशी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में सबकी निगाहें बीजेपी के फैसले और चुनावी प्रक्रिया पर टिकी हैं।
एल. मुरुगन अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक निर्धारित था, लेकिन अक्टूबर 2026 में इस्तीफे के बाद यह सीट रिक्त हो गई। अब उपचुनाव के जरिए नए सदस्य का चयन किया जाएगा। अधिसूचना जारी होने के साथ उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। इस चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
भारतीय जनता पार्टी में संभावित उम्मीदवारों की सूची में तमिलनाडु की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन का नाम भी सामने आया है। वहीं मध्य प्रदेश से पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नामों की चर्चा है। फिलहाल ये संभावित दावेदार हैं, किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। पार्टी किसे मौका देती है, यह देखना अहम होगा।
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं, लेकिन कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। ऐसे में उपलब्ध संख्या 229 विधायकों की मानी जा रही है। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए आवश्यक मतों का निर्धारण निर्धारित चुनावी नियमों के अनुसार होगा। बीना विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। वे खुद को कांग्रेस में बताती हैं, जबकि बीजेपी के कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी को लेकर भी चर्चा रही है। उनकी राजनीतिक और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने पर मतों का आकलन अधिक सटीक हो सकेगा।