

Highlights:
जीतू पटवारी ने 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश दावे पर सरकार से हिसाब मांगा।
निवेश आकर्षित करने और प्रचार पर 230 करोड़ खर्च होने का दावा।
भोपाल इन्वेस्टर्स समिट पर करीब 82 करोड़ खर्च का उल्लेख।
निवेश प्रस्तावों और निवेशकों के सत्यापन की स्वतंत्र जांच की मांग।
Jitu Patwari Letter To CM Mohan Yadav On Investment : मध्य प्रदेश में निवेश प्रस्तावों और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर हुए सरकारी खर्च को लेकर कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश दावे का हिसाब मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस राशि में से अब तक कितना वास्तविक निवेश प्रदेश में आया, कितनी परियोजनाएं जमीन पर उतरीं और कितने युवाओं को रोजगार मिला।
पटवारी ने पत्र में कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मंच से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की घोषणा की थी। सरकार ने इसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित किया, लेकिन अब इन प्रस्तावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या निवेश की इच्छा जताने वाले प्रस्तावों को वास्तविक निवेश बताकर सरकार ने उपलब्धियों के आंकड़ों में शामिल कर लिया?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि मार्च 2024 से नवंबर 2025 के बीच निवेश आकर्षित करने और उसके प्रचार-प्रसार पर करीब 230 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उनके मुताबिक, निवेश सम्मेलनों पर 186.64 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री की तीन विदेश यात्राओं पर लगभग 34 करोड़ रुपये और नौ शहरों में बैठकों पर 9.05 करोड़ रुपये खर्च हुए। भोपाल में आयोजित दो दिवसीय इन्वेस्टर्स समिट पर ही करीब 82 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया है।
पटवारी ने निवेश प्रस्तावों की सूची में शामिल कंपनियों और निवेशकों के सत्यापन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि प्रस्तावों में शामिल नामों और वित्तीय दावों की जांच किस स्तर पर की गई और इसके लिए कौन से अधिकारी जिम्मेदार थे। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि विदेश यात्राओं और देशभर में हुए रोड शो के बाद कितने निवेशक वास्तव में मध्य प्रदेश आए और कितनी परियोजनाओं में पूंजी निवेश हुआ।
कांग्रेस नेता ने सरकार से घोषित रोजगार और वास्तविक नियुक्तियों का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। उनका सवाल है कि निवेश के नाम पर जिन रोजगार अवसरों की घोषणा की गई, उनमें से कितने युवाओं को स्थायी नौकरी मिल सकी। पटवारी ने कहा कि प्रदेश को बड़े निवेश आंकड़ों और प्रचार अभियानों से ज्यादा जमीन पर शुरू होने वाले उद्योगों और रोजगार की जरूरत है।
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश दावे पर तत्काल श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने सभी निवेश प्रस्तावों, निवेशकों की पहचान, उनकी वित्तीय क्षमता और परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति की स्वतंत्र जांच कराने को कहा है। साथ ही वास्तविक निवेश, शुरू हुई परियोजनाओं और पैदा हुए रोजगार के प्रमाणिक आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
पटवारी ने समिट, विदेश यात्राओं, रोड शो और प्रचार पर खर्च हुए करीब 230 करोड़ रुपये का हिसाब देने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि यदि निवेश प्रस्तावों के सत्यापन में लापरवाही या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। पत्र में उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को अब एक और इन्वेस्टर्स समिट के बजाय पिछली समिट के नतीजों का हिसाब चाहिए।