

MP Government Fuel Saving Initiative: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन खपत कम करने की अपील के बाद मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की बचत और ईंधन संरक्षण को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री मोहन यादव के बाद अब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा ने भी अपने काफिलों में शामिल अतिरिक्त वाहनों को कम करने का फैसला लिया है।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी आदेश तक विभागीय भ्रमण, निरीक्षण और अन्य शासकीय गतिविधियों में न्यूनतम वाहनों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही अनावश्यक वाहन रैली, अतिरिक्त काफिले और ईंधन की अधिक खपत वाले आयोजनों से परहेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी बड़ा कदम उठाते हुए अपने काफिले में शामिल फॉलो और पायलट वाहनों को स्वेच्छा से वापस कर दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने काफिले के लिए उपलब्ध कराई गई फॉलो एवं पायलट वाहन सुविधा स्टाफ सहित वापस कर दी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटा रहे हैं, लेकिन निगम-मंडलों के नवनियुक्त अध्यक्ष शक्ति प्रदर्शन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मप्र पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह के 200 गाड़ियों के काफिले ने पूरे देश में किरकिरी कराई थी। इसके बाद भिंड में भाजपा किसान मोर्चा के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष सज्जन यादव के 50 गाड़ियों के काफिले ने सुर्खियां बटोरी हैं।