MP के निगम-मंडलों में नियुक्तियों पर फिलहाल ब्रेक! भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने दिए संकेत

MP Board Corporation Appointments: मध्य प्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्ति पर फिलहाल रोक के संकेत मिले हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा है कि अभी थोड़े विश्राम की जरूरत है।
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हेमंत खंडेलवाल (फोटो सोर्स- नवभारत)
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MP Political News: मुख्यमंत्री मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर तेजी से शुरू हुआ था। विधानसभा चुनाव से करीब ढाई साल पहले शुरू हुई इस कवायद में अब तक लगभग 70 नेताओं को अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी दी जा चुकी है। हालांकि अब इन नियुक्तियों की प्रक्रिया पर फिलहाल विराम लगने के संकेत मिले हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी ने बड़ी संख्या में नियुक्तियां कर दी हैं और अब कुछ समय का विराम लिया जाएगा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि पहले सवाल उठते थे कि गठन क्यों नहीं हो रहा? अब जब इतने पद भर दिए गए हैं तो थोड़ा विश्राम भी जरूरी है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में नियुक्तियों का अगला चरण भी शुरू होगा।

कई बड़े प्राधिकरण अब भी खाली

प्रदेश में अभी भी कई महत्वपूर्ण विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियां बाकी हैं। इनमें भोपाल विकास प्राधिकरण, इंदौर विकास प्राधिकरण, कटनी विकास प्राधिकरण, बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण, महाकौशल विकास प्राधिकरण और राज्य कोल जनजाति विकास प्राधिकरण जैसे संस्थान शामिल हैं।

आयोगों और निगमों में भी इंतजार

राज्य योजना आयोग, सफाई कर्मचारी आयोग, वरिष्ठ नागरिक कल्याण आयोग और कृषक आयोग सहित कई आयोगों में अब तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं। वहीं मप्र पर्यटन विकास निगम, खनिज विकास निगम, ऊर्जा विकास निगम, बीज विकास निगम और एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन जैसे बड़े निगमों में भी पद खाली हैं।

कई बोर्डों में भी नहीं हुई नियुक्ति

मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड, असंगठित कामगार बोर्ड, समाज कल्याण बोर्ड, राज्य हज कमेटी और व्यापार संवर्धन बोर्ड समेत कई बोर्डों में अब तक राजनीतिक नियुक्तियां लंबित हैं। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश भाजपा संगठन आने वाले महीनों में राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नियुक्तियों का अगला दौर शुरू कर सकता है।

150 से ज्यादा नेताओं को मिल सकती है जिम्मेदारी

बताया जा रहा है कि जिन निगम-मंडलों, बोर्डों और प्राधिकरणों में अभी पद खाली हैं, वहां अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों सहित करीब 150 से ज्यादा नेताओं को एडजस्ट किया जा सकता है। कई संस्थाओं में अध्यक्ष के साथ एक या दो उपाध्यक्ष और 3 से 6 सदस्यों की नियुक्ति की जानी है।

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