

MP Employees Protest : मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को लेकर नए साल की शुरुआत आंदोलन से होगी। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की प्रदेश महासमिति की बैठक में 2 जनवरी 2027 को राजधानी भोपाल में प्रदेशभर के कर्मचारियों का विशाल धरना आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभिन्न जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की जरूरत बताई।
भोपाल स्थित कर्मचारी भवन में आयोजित महासमिति की बैठक में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कर्मचारी संघ के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में लंबे समय से लंबित मांगों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि मांगों के निराकरण में लगातार हो रही देरी के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। इसी के बाद आंदोलन की विस्तृत रणनीति पर विचार किया गया।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में अनुकंपा नियुक्ति और पदोन्नति में सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त करना शामिल है। इसके साथ ही 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन देने के आदेश पर रोक लगाकर कर्मचारियों को वर्ष 2019 से 100 प्रतिशत वेतन देने की मांग भी रखी गई है। संघ का कहना है कि इन मुद्दों का लंबे समय से समाधान नहीं हुआ है।
कर्मचारी संघ ने जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा लिपिकों की ग्रेड पे में विसंगति दूर करने और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। संघ ने टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया।
बैठक में वर्ष 1997 से कार्यरत गुरुजियों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दिए जाने की मांग भी रखी गई। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े कई मामले वर्षों से लंबित हैं। महासमिति में इन सभी मुद्दों को आंदोलन के दौरान प्रमुखता से उठाने और सरकार तक कर्मचारियों की मांग पहुंचाने पर सहमति बनी।
महासमिति ने तय किया कि 2 जनवरी 2027 को भोपाल में प्रदेशभर के कर्मचारियों का विशाल धरना आयोजित किया जाएगा। बैठक को प्रदेश अध्यक्ष अतुल मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष विजय रघुवंशी, संरक्षक एलएन कैलासिया, महामंत्री उमाशंकर तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। विभागीय समिति के अध्यक्ष डॉ. अतुल दुबे समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने धरने को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों से जुटने की अपील की।
महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर आने वाले दिनों में आंदोलन की तैयारियां तेज की जाएंगी। जिला और विभागीय स्तर के पदाधिकारियों को कर्मचारियों से संपर्क कर उन्हें आंदोलन से जोड़ने की जिम्मेदारी दी जाएगी। संघ का कहना है कि 2 जनवरी को राजधानी भोपाल में होने वाला धरना लंबित कर्मचारी मांगों को लेकर आगे की आंदोलनात्मक रणनीति का आधार बनेगा।