दिव्यांगजन के लिए बाधारहित होंगे MP के शासकीय भवन; पाठ्यक्रम में जुड़ेंगे नशामुक्ति और संवेदनशीलता के पाठ

Divyang Welfare In MP: मध्य प्रदेश में सभी सरकारी दफ्तर होंगे 'बाधारहित', स्कूलों में अनिवार्य होगी नशामुक्ति की पढ़ाई, सेवा पखवाड़े में ₹6.52 करोड़ के सहायक यंत्र वितरित।
MP government to make public buildings barrier-free for persons with disabilities
मुख्यमंत्री मोहन यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP Government Initiative For Divyang Welfare: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि दिव्यांगजनों के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के सभी शासकीय भवनों को 'बाधारहित' (Barrier-free) बनाया जाए। इसके साथ ही, दिव्यांगजनों को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने और उनकी क्षमता के अनुरूप कौशल उन्नयन (Skill Development) की गतिविधियां संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने यह निर्देश दिए। बैठक में विभाग के मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिक्षा में संवेदनशीलता और नशामुक्ति का समावेश

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि भावी पीढ़ी को जागरूक बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूली पाठ्यक्रम में दिव्यांगता के प्रति बच्चों में संवेदनशीलता विकसित करने वाली सामग्री शामिल की जाए। साथ ही, किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए स्कूली और महाविद्यालयीन स्तर के पाठ्यक्रमों में नशामुक्ति जागरूकता से जुड़ी सामग्री को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा गया है।

धार्मिक स्थलों पर भोजन की व्यवस्था का सुझाव

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारतीय संस्कृति की सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए एक नई पहल का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जन्मदिवस, विवाह वर्षगांठ या परिजनों की स्मृति में भोजन कराने की परंपरा को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर व्यवस्थित किया जाए, ताकि निराश्रितों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध हो सके।

विभाग की प्रमुख उपलब्धियाँ (समीक्षा बैठक के अनुसार)

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां सामने आईं। 'मुख्यमंत्री सेवा पखवाड़ा अभियान 2025' के तहत दिव्यांगजनों को 6 करोड़ 52 लाख रुपये मूल्य के कृत्रिम अंग और सहायक यंत्र वितरित किए गए। विशेष विद्यालयों में 168 स्मार्ट क्लास तैयार की गई हैं। प्रदेश में 12 हजार वालेंटियर्स नशामुक्ति के प्रति जन-जागरूकता फैला रहे हैं।

वहीं, रोजगार के लिए विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू के माध्यम से 12 दिव्यांगजनों को नौकरी दिलाई गई है। इसके अलावा वृद्धजनों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 54 प्रतिभागियों को केयर-गिवर का विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

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