

MP Heavy Rain Alert : मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम का सबसे ज्यादा असर जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में देखने को मिलेगा। अगले चार दिनों तक इन इलाकों में बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को नर्मदापुरम, छतरपुर और उमरिया में अति भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं जबलपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, पन्ना, टीकमगढ़, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की स्थिति बन सकती है।
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, सतना, मैहर, दमोह और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है।
इससे पहले शुक्रवार को खरगोन जिले के गोगांवा में लगातार बारिश के कारण साटक जलाशय ओवरफ्लो हो गया। 18.38 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता वाला जलाशय स्पिल-वे के ऊपर से बहने लगा। करीब दो साल बाद जलाशय में ऐसी स्थिति बनी है। वहीं सतना के ग्रामीण इलाकों में रुक-रुककर बारिश जारी रही। तराई क्षेत्र में पहाड़ी पानी तेजी से उतरने से धारकुंडी आश्रम का झरना उफान पर है और परिसर के अंदर तक पानी पहुंच गया।
सतना के कोटर नगर परिषद कार्यालय परिसर और आसपास की दुकानों में पानी भर गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वार्ड में पानी पहुंचने के बाद प्रसूताओं को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा। बिरसिंहपुर-सेमरिया रोड पर मऊ नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित होने के साथ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन रही है।
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ लो प्रेशर एरिया अब डिप्रेशन में बदल गया है। इसका सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में रहने की संभावना है। इसी वजह से जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भारी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मानसून की सक्रियता के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में अब तक औसत से कम बारिश दर्ज हुई है। IMD के अनुसार भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 19 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के कुल 43 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है।