

Highlights :
भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने पांच बच्चे पैदा करने की अपील की; उनके दो बेटे हैं।
विधायक रामेश्वर शर्मा हिंदू परिवारों से कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की अपील कर चुके हैं।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के चार बच्चे हैं, जबकि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अविवाहित हैं।
प्रवीण तोगड़िया ने ‘तीन बच्चे-हिंदू सच्चे’ अभियान चलाया था।
NFHS के आंकड़ों के मुताबिक, 1992 से 2019-21 के बीच हिंदू और मुस्लिम महिलाओं की प्रजनन दर में गिरावट आई।
Leaders and Preachers Children : देश में जनसंख्या संतुलन और परिवार नियोजन को लेकर नेताओं और धर्मगुरुओं के बयान अक्सर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में खरगोन से भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल की पांच-पांच बच्चे पैदा करने की अपील के बाद यह बहस फिर तेज हो गई है।
कई नेता और कथावाचक हिंदू परिवारों से दो से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अधिक संतानें पैदा करने की सलाह देने वाले इन सार्वजनिक चेहरों के अपने परिवार में कितने बच्चे हैं और देश में प्रजनन दर के आंकड़े क्या तस्वीर पेश करते हैं?
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में कालिका माता मंदिर परिसर में आयोजित एक बैठक के दौरान भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने युवाओं से पांच-पांच बच्चे पैदा करने की अपील की थी। उन्होंने देर से शादी करने और परिवार को एक संतान तक सीमित रखने पर चिंता जताई थी। उनके बयान में धर्मांतरण और जनसंख्या संतुलन का मुद्दा भी शामिल था।
पारिवारिक स्थिति: संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, गजेंद्र सिंह पटेल का जन्म 16 फरवरी 1975 को हुआ था। उनकी शादी 9 मई 2006 को हुई थी और उनके दो बेटे हैं।
भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा भी हिंदू परिवारों से कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की अपील कर चुके हैं। उनका बयान भी परिवार के आकार और जनसंख्या संतुलन को लेकर हुई चर्चाओं का हिस्सा रहा है।
पारिवारिक स्थिति: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रामेश्वर शर्मा की पत्नी का नाम संगीता शर्मा है और उनके दो बेटे हैं।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने हिंदू परिवारों से कम से कम पांच बच्चे पैदा करने की अपील की थी। उन्होंने बड़े परिवार की वकालत करते हुए कहा था, “पांच बच्चे पैदा करो और 25 बच्चों के दादा बनो।” उनके बयान ने परिवार नियोजन और जनसंख्या को लेकर चल रही बहस को और चर्चा में ला दिया था।
पारिवारिक स्थिति: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, देवकीनंदन ठाकुर के चार बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और तीन बेटियां शामिल हैं।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू परिवारों से चार बच्चे पैदा करने की अपील की थी। उन्होंने एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को समर्पित करने की बात भी कही थी।
पारिवारिक स्थिति: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अविवाहित हैं।
निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी ने भी लोगों से चार बच्चे पैदा करने और उनमें से दो को आश्रम को समर्पित करने की अपील की थी। उनके बयान में धार्मिक संस्थाओं के लिए बच्चों को समर्पित करने का सुझाव भी शामिल था।
पारिवारिक स्थिति: प्रेमानंद पुरी संन्यासी हैं।
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के प्रमुख डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने ‘तीन बच्चे-हिंदू सच्चे’ अभियान शुरू किया था। मध्य प्रदेश के मंडला में उन्होंने तीसरे बच्चे की स्कूल फीस भरने में मदद करने की घोषणा भी की थी।
पारिवारिक स्थिति: उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रवीण तोगड़िया की पत्नी का नाम रश्मी तोगड़िया है और उनके दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़े भारत में प्रजनन दर में आई गिरावट को दर्शाते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 1992 में हिंदू महिलाओं की कुल प्रजनन दर 3.3 थी, जो 2019-21 में घटकर 1.9 रह गई। इसी अवधि में मुस्लिम महिलाओं की प्रजनन दर 4.4 से घटकर 2.4 पर पहुंच गई। ये आंकड़े बताते हैं कि दोनों समुदायों में प्रजनन दर में गिरावट आई है और उनके बीच का अंतर भी पहले के मुकाबले कम हुआ है।
अधिक बच्चे पैदा करने की अपील करने वाले नेताओं और धर्मगुरुओं के अपने परिवारों में बच्चों की संख्या चर्चा का विषय बन रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति के परिवार का आकार अपने आप में उसके सार्वजनिक बयान की सही या गलत होने का प्रमाण नहीं है। जनसंख्या और परिवार नियोजन पर बहस में व्यक्तिगत स्वतंत्रता, स्वास्थ्य, आर्थिक परिस्थितियों और विश्वसनीय आंकड़ों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।