भोपाल से सीएम मोहन यादव का बड़ा शंखनाद, राज्य स्तरीय 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान का शानदार आगाज

CM Mohan Yadav News: भोपाल में सीएम मोहन यादव ने एक पेड़ मां के नाम 2.0 का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड का कचरा नष्ट करने की भी बात कही।
Ek Ped Maa Ke Naam 2.0 Launch By MP CM Dr. Mohan Yadav In Bhopal
एक पेड़ मां के नाम 2.0 (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ek Ped Maa Ke Naam 2.0 Launch: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम "एक पेड़ मां के नाम 2.0" का शुभारंभ किया। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सर्कुलर इकॉनॉमी से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों और व्यक्तियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार भी प्रदान किए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सर्कुलर इकॉनॉमी से संबंधित पांच कोर्स मॉड्यूल्स का लोकार्पण किया। साथ ही एप्को और इन्टैक द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेश के 16 जिलों की 500 बावड़ियों के दस्तावेजों का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए इन प्रयासों की सराहना की।

सनातन संस्कृति में प्रकृति का विशेष महत्व

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति और जीवनशैली सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि हमारी पूजा-पद्धति, धार्मिक परंपराएं और दैनिक जीवन प्रकृति के बिना अधूरे हैं। भगवान को भोग लगाने से लेकर तुलसी पूजन तक हर परंपरा में पर्यावरण का महत्व दिखाई देता है। उन्होंने महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने बहुत पहले ही प्रकृति और पौधों में जीवन होने की अवधारणा को स्वीकार कर लिया था।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके विजन के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। विज्ञान, अंतरिक्ष, खेल और तकनीक के क्षेत्र में भारतीय प्रतिभाएं दुनिया में अपनी पहचान बना रही हैं।

भोपाल गैस त्रासदी और पर्यावरणीय जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने भोपाल गैस त्रासदी को पर्यावरण के साथ हुए सबसे बड़े खिलवाड़ों में से एक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़े कचरे का 40 वर्षों बाद सफलतापूर्वक निष्पादन कर एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब उस भूमि के समुचित प्रबंधन की दिशा में भी काम कर रही है।

ग्रीन एनर्जी और वन्यजीव संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सौर, पवन, बायोमास और जल विद्युत जैसी ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। खजुराहो सहित कई क्षेत्रों में बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। चीतों के पुनर्वास और जंगली भैंसों के संरक्षण जैसे कदम मध्यप्रदेश को पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

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