

Digvijaya Singh Supports Teacher Candidates: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) चयन परीक्षा 2023 के शेष चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर भर्ती की लंबित प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है।
दिग्विजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के लिए कुल 8,721 पद विज्ञापित किए गए थे। पात्र अभ्यर्थियों के लिए चयन परीक्षा और मुख्य चयन प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
दिग्विजय सिंह के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में सफल अभ्यर्थियों में से अब तक केवल 2,901 पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। वहीं विज्ञापित कुल पदों में से 5,820 पद अभी भी रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया शुरू हुए करीब तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन चयन प्रक्रिया पूरी करने वाले हजारों अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। सिंह ने इसे युवाओं के भविष्य और उनके मनोबल से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-1 के सैकड़ों चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की ओर से रोस्टर में पदवृद्धि की मांग भी की जा रही है। सिंह ने उनकी मांगों को उचित बताते हुए समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि जब अभ्यर्थियों ने सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता पूरी कर चयन परीक्षा में सफलता हासिल कर ली है, तो उन्हें नियुक्ति से वंचित रखना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल उठाए।
दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया है कि 5 सितंबर 2026 यानी शिक्षक दिवस से पहले सभी 5,820 लंबित पदों पर नियुक्ति को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षक दिवस तक नियुक्तियां नहीं दी गईं तो चयनित अभ्यर्थी 5 सितंबर से 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। सिंह ने कहा कि चयनित भावी शिक्षकों को शिक्षक दिवस से पहले नियुक्ति देना सरकार की युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के प्रति संवेदनशीलता का परिचायक होगा।