'यह सामान्य बदलाव नहीं...', दतिया में BJP के फैसले से सियासी भूचाल; सीनियर पत्रकार ने डिकोड की पूरी रणनीति

Datia By Election: वरिष्ठ पत्रकार सुधीर दंडोतिया का दतिया पर विश्लेषण, कहा—टिकट बांटने वाले का टिकट कटना बड़ा संदेश, संघ के चेहरे आशुतोष पर खेला दांव, डैमेज कंट्रोल तेज।
Senior journalist analyzes BJP's Datia bypoll decision and its impact on Madhya Pradesh politics
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के क्या होंगे परिणाम (सोर्स- नवभारत डिजाइन)
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Political Analysis On BJP Strategy In Datia: दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। टिकट घोषित होने के बाद दतिया में विरोध प्रदर्शन, हाईवे जाम और पार्टी पदाधिकारियों के इस्तीफों जैसी घटनाएं सामने आई हैं। समर्थकों का कहना है कि उन्हें आखिरी समय तक उम्मीद थी कि टिकट डॉ. मिश्रा को ही मिलेगा।

वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक सुधीर दंडोतिया का कहना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम उन नेताओं में लिया जाता रहा है जो प्रदेश में टिकट वितरण की रणनीति तय करने वाली टीम का हिस्सा माने जाते हैं। ऐसे नेता का स्वयं टिकट कट जाना अपने आप में बड़ा राजनीतिक संदेश है। उनका प्रभाव केवल दतिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्वालियर-चंबल अंचल में भी उन्हें भाजपा के बड़े चेहरे के रूप में देखा जाता है।

समर्थकों को नहीं था इतने बड़े बदलाव का अंदेशा- सुधीर दिंडोतिया

सुधीर दंडोतिया के अनुसार, समर्थकों को किसी भी स्तर पर यह अंदेशा नहीं था कि पार्टी इतना बड़ा बदलाव करेगी। यही कारण है कि अचानक लिए गए इस फैसले को कार्यकर्ता सहज रूप से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और विरोध खुलकर सामने आ रहा है।

भाजपा ने दतिया में लगाया संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले चेहरे पर दांव

सुधीर दंडोतिाय ने स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी आम लोगों के लिए नया चेहरा जरूर हो सकते हैं, लेकिन संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए नए नहीं हैं। वे लंबे समय से संघ से जुड़े रहे हैं और विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा ने संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले चेहरे पर दांव लगाया है।

नाराज कार्यकर्ताओं को माने और डैमेज कंट्रोल में जुटी पार्टी

भारतीय जनता पार्टी ने यह फैसला अपनी चुनावी रणनीति के तहत लिया है। हालांकि विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर भाजपा में अंदरूनी असंतोष का आरोप लगा रहा है। वहीं पार्टी अब नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने और डैमेज कंट्रोल में जुटी हुई है।

उधर, दतिया में विरोध प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर तनाव की स्थिति बनी। समर्थकों ने हाईवे जाम किया, भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

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