रात में बने भाजपा जिला उपाध्यक्ष, सुबह नाम हुआ गायब! शहडोल में संगठन की सियासत पर उठे सवाल; जानें पूरा मामला

Shahdol BJP Organization Clash: शहडोल भाजपा में बड़ा विवाद, रात को उपाध्यक्ष बने सरोज यादव का सुबह नाम गायब, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर कड़े विलेख संग लगाए गंभीर आरोप।
BJP district vice president's name removed within hours in Shahdol, triggering political controversy
शहडोल भाजपा कार्यालय (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Shahdol BJP Vice President Controversy: शहडोल जिले की भाजपा में संगठनात्मक राजनीति का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर परिषद बकहो के भाजपा नेता और पार्षद पति सरोज यादव को पिछड़ा वर्ग मोर्चा की जिला कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष बनाया गया, लेकिन महज कुछ घंटों बाद जारी संशोधित सूची से उनका नाम हटा दिया गया।

रात में उपाध्यक्ष बनने वाले नेता का नाम सुबह सूची से गायब होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सरोज यादव ने खुलकर आरोप लगाया है कि रसूखदार नेताओं के खिलाफ आवाज उठाने की सजा उन्हें पद से हटाकर दी गई है।

भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की जिला कार्यकारिणी से जुड़ा है मामला

पूरा मामला भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की घोषणा से जुड़ा है। 5 जुलाई की रात जारी 30 सदस्यीय पदाधिकारियों की सूची में नगर परिषद बकहो निवासी भाजपा नेता सरोज यादव को तीसरे क्रम पर जिला उपाध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन अगले ही दिन सुबह संशोधित सूची जारी हुई, जिसमें उनका नाम पूरी तरह हटा दिया गया।

बाकी सभी पदाधिकारी यथावत रहे, सिर्फ सरोज यादव का नाम हटा

खास बात यह रही कि बाकी सभी पदाधिकारी यथावत रहे और 30 सदस्यीय सूची घटकर 29 सदस्यीय हो गई। इस घटनाक्रम ने संगठन के भीतर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी राजनीति चर्चा का विषय बन गई है।

सरोज यादव ने नाम हटने के बाद लगाए यह गंभीर आरोप

सरोज यादव का आरोप है कि उन्होंने अपने वार्ड में एक ठेकेदार नेता द्वारा कराए जा रहे कथित गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य का विरोध किया था। इसके अलावा एक प्रभावशाली नेता से जुड़े बिजली पोल के मामले में भी उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी।

उनका कहना है कि पार्टी हित में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत उन्हें पद से हटाकर चुकानी पड़ी। अब इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा की अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक फैसलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस मामले में पार्टी संगठन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

https://youtu.be/Uy3KdC7F3Os?si=UfhxM8vgFJFNtbaC

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