मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर भड़की कांग्रेस, जीतू पटवारी बोले– 'लोकतंत्र पर काला धब्बा'

Rajya Sabha Nomination Controversy : मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर जीतू पटवारी ने भाजपा और रिटर्निंग ऑफिसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नटराजन को SC से भी राहत नहीं मिली है।
Jitu Patwari on Meenakshi Natarajan Nomination
कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Jitu Patwari on Meenakshi Natarajan : मध्य प्रदेश में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के बाद सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट से भी मीनाक्षी नटराजन को राहत नहीं मिली है और अदालत ने चुनाव प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।

इस बीच दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रिटर्निंग ऑफिसर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटवारी ने सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट साझा कर रिटर्निंग ऑफिसर के रवैये को लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे 'काले अध्याय' बताया है।

RO ने एजेंडे पर काम किया

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा जब नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी चल रही थी, तब रिटर्निंग ऑफिसर निष्पक्ष रहने के बजाय किसी और एजेंडे पर काम कर रहे थे। उनकी पृष्ठभूमि आरएसएस से जुड़ी रही है।

संदिग्ध थी अधिकारी की भूमिका

उन्होंने पुराना हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले जब राजेंद्र भारती की सदस्यता ली गई थी, तब भी इस अधिकारी की भूमिका संदिग्ध थी। पटवारी ने तंज कसा कि जैसे ही तीन राज्यसभा सांसदों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया, वे साढ़े आठ बजे से ही अपने काम में जुट गए। यह देश के लोकतांत्रिक इतिहास पर एक बड़ा धब्बा है।

हमारे पास जीत के लिए पर्याप्त विधायक थे

जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के पास 58 विधायकों का पर्याप्त आंकड़ा था और निर्दलीय पार्टियां भी उनके साथ थीं। भाजपा के पास महज 10 अतिरिक्त विधायक होने के बावजूद उन्होंने एक अलग नैरेटिव सेट करने की कोशिश की।

भयभीत हो गए थे पीएम मोदी

पटवारी ने कहा हमारे विधायकों की एकजुटता, उत्साह और जोश को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भयभीत हो गए। यही वजह है कि उन्होंने ऐसा अपराध कर दिया जो आमतौर पर केवल पंचायत चुनावों में देखने को मिलता है, उसे देश के सबसे उच्च सदन राज्यसभा में दोहराया गया।

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