कांग्रेस ने की मंत्री विजय को बर्खास्त करने की मांग, SC की फटकार पर कहा- सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही
Congress On Vijay Shah And Sofiya Qureshi Case: कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग की है। कर्नल सोफिया कुरैशी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है।
- Reported By: शिवम दत्त तिवारी | Edited By: प्रीतेश जैन
अभिनव बरौलिया (फोटो सोर्स- नवभारत)
Bhopal Political News : मंत्री विजय शाह से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कई महीनों से सुप्रीम कोर्ट लगातार फटकार लगा रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
बरौलिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट साफ तौर पर कह रहा है कि देश की बेटी और देश की सेना का अपमान करने वाले मंत्री पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
मंत्री विजय शाह को बर्खास्त किया जाए
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने नेताओं को बचाने में लगी हुई है और नैतिकता की बातें सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद मंत्री विजय शाह को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए या उनसे इस्तीफा लिया जाए।
सम्बंधित ख़बरें
NCRB के आंकड़ों को लेकर भाजपा सरकार पर बरसे कमलनाथ, कहा- आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे
Suvendu Adhikari oath ceremony: कौन है माखनलाल सरकार जिनके मोदी ने पैर छुए, हेमंत खंडेलवाल ने बताया संघर्ष
सोलापुर कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, जल्द होंगे नए अध्यक्ष घोषित
इंदौर क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा, बिल्डर को धमकाने के मामले में हुई गिरफ्तारी
सत्ता के अहंकार में भाजपा
बरौलिया ने कहा कि अगर सरकार अब भी कार्रवाई नहीं करती है तो यह साफ संदेश जाएगा कि भाजपा सत्ता के अहंकार में संविधान और न्यायपालिका की चेतावनी को भी नजरअंदाज कर रही है।
ये भी पढ़ें : पहले कहा ‘आतंकियों की बहन’…अब बोले तारीफ करना चाहते थे, कर्नल सोफिया मामले में विजय शाह की दलील पर भड़के CJI
क्या है मामला?
मई 2025 में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ सांप्रदायिक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए SIT जांच के आदेश दिए और मध्य प्रदेश सरकार को अभियोजन की मंजूरी में देरी के लिए फटकार लगाई है। 8 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चल रही जांच और अभियोजन में देरी पर नाराजगी जताई।
