Dhar Bhojshala Verdict: CM मोहन यादव ने किया हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत; बताया सांस्कृतिक न्याय का क्षण
CM Mohan Yadav On Bhojshala Verdict: MP हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर घोषित करते हुए नमाज की अनुमति रद्द कर दी है। बता दें कि सीएम मोहन यादव ने इस फैसले का स्वागत किया है।
- Written By: सजल रघुवंशी
सीएम मोहन यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bhojshala Verdict MP High Court: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धार स्थित भोजशाला को लेकर आए हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने इस निर्णय को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा अहम फैसला बताया।
सीएम ने कहा कि अदालत ने भोजशाला को संरक्षित स्मारक और मां वाग्देवी की आराधना स्थली मानते हुए महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस फैसले से श्रद्धालुओं के पूजा-अर्चना के अधिकार को मजबूती मिलेगी और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में भोजशाला की गरिमा और संरक्षण और ज्यादा होगी।
सीएम मोहन यादव ने किया अदालत के निर्देश का स्वागत
मोहन यादव ने अदालत के उस निर्देश का भी स्वागत किया, जिसमें मां वाग्देवी की प्रतिमा को ब्रिटेन से वापस भारत लाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार से विचार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी इस दिशा में जरूरी प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव सर्वधर्म समभाव, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश देती रही है।
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माननीय उच्च न्यायालय द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक एवं मां वाग्देवी की आराधना स्थली मानते हुए दिया गया निर्णय हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और इतिहास के सम्मान का महत्वपूर्ण क्षण है। ASI के संरक्षण एवं प्रबंधन में भोजशाला की गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा… — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 15, 2026
फैसले के क्रियान्वयन के लिए सरकार पूरी कोशिश करेगी- सीएम
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार न्यायालय के निर्णय का पूर्ण सम्मान करती है और प्रदेश में सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव तथा सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाओं में राज्य सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
हाईकोर्ट ने भोजशाला पर दिया अहम फैसला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि धार भोजशाला एक संरक्षित स्मारक होने के साथ मां वाग्देवी का मंदिर भी है। अदालत ने हिंदू पक्ष को यहां पूजा-अर्चना का अधिकार प्रदान किया है, जबकि मुस्लिम समुदाय के नमाज अदा करने के अधिकार को निरस्त कर दिया गया है।
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कोर्ट के निर्देशानुसार अब भोजशाला का प्रबंधन और नियंत्रण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन रहेगा। इसके अलावा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को ब्रिटेन के संग्रहालय से मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने संबंधी प्रस्तुतिकरण पर विचार करने के निर्देश भी दिए हैं। अदालत ने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय वैकल्पिक भूमि आवंटन के लिए सरकार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
