ये सीट कांग्रेस की थी और कांग्रेस के ही पास गई…उपचुनाव में BJP की हार के बाद CM मोहन यादव का पहला रिएक्शन

Datia By Election Result: दतिया उपचुनाव में हार के बाद सीएम मोहन यादव की पहली प्रतिक्रिया, बोले- 'कांग्रेस की ही सीट थी, फिर भी भाजपा को मिले 1700 ज्यादा वोट'।
CM Mohan Yadav asks Congress to clarify its stand as the Uniform Civil Code committee submits its report to the Madhya Pradesh government
सीएम मोहन यादव का दतिया उपचुनाव नतीजे पर आया बयान(सोर्स- सोशल मीडिया)
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CM Mohan Yadav Reaction On Datia By Election: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर अपना कब्जा बरकरार रखा है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को करीब 6 हजार वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। इस नतीजे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।

उन्होंने कहा कि दतिया पहले से कांग्रेस की सीट थी और अब भी कांग्रेस के पास ही गई है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में भाजपा को इस बार लगभग 1,700 अधिक वोट मिले हैं।

जनता का फैसला लोकतंत्र की ताकत- सीएम मोहन यादव

दतिया उपचुनाव के परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे मजबूत माध्यम है और जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में अधिक वोट मिले हैं, जो जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी, जो आजादी के बाद पहली बार संभव हुआ। इसके अलावा भाजपा ने राज्यसभा की तीनों सीटों पर भी जीत हासिल की।

“जनादेश स्वीकार है, आगे और मजबूती से लड़ेंगे चुनाव”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी दल अपने-अपने विचार जनता के सामने रखते हैं और अंतिम निर्णय मतदाताओं का होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के जनादेश का सम्मान करती है और इस हार को स्वीकार करती है। साथ ही भरोसा जताया कि पार्टी भविष्य के चुनावों में और अधिक मजबूती, बेहतर रणनीति और नए उत्साह के साथ मैदान में उतरेगी तथा बेहतर प्रदर्शन करेगी।

क्या नरोत्तम मिश्रा का टिकट बदलना पड़ा भाजपा को भारी?

दतिया उपचुनाव में भाजपा ने छह बार के विधायक और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि उम्मीदवार बदलने का फैसला पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।

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टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, हाईवे जाम किया और कई स्थानों पर तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें पुलिसकर्मी घायल हुए। हालांकि बाद में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से शांत रहने और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में प्रचार करने की अपील की, लेकिन चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में नहीं जा सके।

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