MP News: ‘केवल शासन के भरोसे गौमाता की रक्षा संभव नहीं’, कैलाश विजवर्गीय का बड़ा बयान; गाय को लेकर कही यह बात
Kailash Vijayvargiya Statement: कैलाश विजयवर्गीय ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग के बीच बड़ा बयान देते हुए कहा कि गौ संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की है।
- Written By: सजल रघुवंशी
कैलाश विजयवर्गीय (सोर्स- सोशल मीडिया)
Cabinet Minister Kailash Vijayvargiya Big Statement On Cow: मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग के बीच बड़ा बयान देते हुए कहा कि गौ संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में गाय का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है तथा मान्यता है कि गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। विजयवर्गीय ने कहा कि समाज को इस विषय में अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है ताकि गायों की सुरक्षा और संरक्षण बेहतर तरीके से हो सके।
कैलाश विजयवर्गीय ने गाय को लेकर कही बड़ी बात
मीडिया से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि गौमाता के प्रति लोगों के दिलों में गहरी श्रद्धा और सम्मान है। उन्होंने कहा कि कई संत-महात्मा पहले गाय को अन्न खिलाते हैं और उसके बाद स्वयं भोजन ग्रहण करते हैं।
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‘कुछ मौलवी भी गाय को सम्मान देने को कह रहे हैं’
कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि अब मुस्लिम समाज के कुछ मौलवी भी गाय को सम्मान देने की बात कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति के प्रति बढ़ते सम्मान का प्रतीक है।
कई संतों के भी दिए उदाहरण
कैलाश विजयवर्गीय ने कई संतों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे संतों को देखा है जो गाय के गोबर से निकले अन्न को सुखाकर उसका आटा बनाते हैं और उसी से भोजन तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं और जीवनशैली का हिस्सा भी है।
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केवल शासन के भरोसे गौमाता की रक्षा संभव नहीं- कैलाश विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि समाज में कई लोग गाय के बूढ़ी हो जाने पर उन्हें छोड़ देते हैं, जो चिंता का विषय है। विजयवर्गीय ने कहा कि ट्रैक्टरों के बढ़ते उपयोग के बाद बैलों को भी खुले में छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ी है उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल शासन के भरोसे गौमाता की रक्षा संभव नहीं है। इसके लिए समाज को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और सामूहिक रूप से जागरूक होकर आगे आना होगा।
एजेंसी इनपुट के साथ…
