भोपाल: शिक्षक भर्ती आंदोलन गरमाया, 5 दिन से निर्जल अनशन पर बैठे अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ी; पुलिस ले गई

Teacher Protest Bhopal: भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती-2025 पदवृद्धि आंदोलन का पांचवां दिन, 5 दिनों से निर्जल अनशन पर बैठे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की हालत बिगड़ने पर पुलिस अस्पताल ले गई।
Bhopal teacher recruitment candidates protest over recruitment demands
भोपाल में शिक्षक भर्ती आंदोलन गरमाया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bhopal Teacher Recruitment Protest: शिक्षक भर्ती-2025 में वर्ग-2 और वर्ग-3 के पदों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा आंदोलन मंगलवार को उस वक्त और गरमा गया, जब पिछले पांच दिनों से निर्जल भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत को पुलिस अपने साथ ले गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार अनशन के चलते नरेंद्र की तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

नरेंद्र राजपूत पिछले पांच दिनों से अन्न और जल का त्याग कर आंदोलन कर रहे थे। आज उनके निर्जल अनशन का पांचवां दिन था। इससे पहले सोमवार को भी उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें चक्कर और कमजोरी की शिकायत हुई थी, लेकिन उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार करते हुए धरना स्थल पर ही डॉक्टरों से जांच कराने की मांग की थी।

पदवृद्धि की मांग को लेकर 21 अगस्त से आंदोलन

नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती-2025 के वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर 21 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी भोपाल पहुंचे हैं। आंदोलनकारियों की मांग है कि भर्ती में रिक्त पदों को शामिल करते हुए पदों की संख्या बढ़ाई जाए और बढ़े हुए पदों पर दूसरी काउंसलिंग कराई जाए। अभ्यर्थियों के मुताबिक, वर्ग-3 में 25 हजार पद और वर्ग-2 में प्रत्येक विषय में 3 हजार पद बढ़ाए जाने की मांग की जा रही है। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी पर्याप्त पद नहीं होने के कारण नियुक्ति से बाहर हो रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई पर शिक्षकों में नाराजगी

नरेंद्र राजपूत को भोपाल पुलिस द्वारा ले जाने के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद शिक्षकों और अभ्यर्थियों में नाराजगी दिखाई दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग सिस्टम के अनुसार नहीं चल रहे, उन्हें पुलिस के जरिए हटाया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने शिक्षकों पर बल प्रयोग को गलत बताते हुए कहा कि वे किसी हिंसक आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि अपने रोजगार और भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं।

Bhopal teacher recruitment candidates protest over recruitment demands
ग्वालियर में क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन, 13 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट करने बॉर्डर भेजा

पहले भी बिगड़ चुकी थी नरेंद्र की हालत

लगातार निर्जल अनशन के कारण नरेंद्र की हालत पिछले दिनों से खराब बताई जा रही थी। सोमवार को भी पुलिस और जिला प्रशासन ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने जाने से इनकार कर दिया था। नरेंद्र का कहना था कि जब तक सरकार पदवृद्धि को लेकर ठोस फैसला नहीं करती, तब तक वे अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे। इस आंदोलन में कई महिला अभ्यर्थी अपने छोटे बच्चों के साथ भी धरना दे रही हैं।

प्रदर्शनकारी चाहते हैं ठोस समाधान

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया और पदों की संख्या को लेकर सरकार से मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें ठोस समाधान नहीं मिला है। अब नरेंद्र राजपूत को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने के बाद आंदोलनकारियों का अगला कदम क्या होगा और सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर कोई बातचीत या निर्णय होता है या नहीं, इस पर सभी की नजर है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com