

Rakesh Agrawal Death Case Investigation: राजधानी भोपाल के रातीबड़ इलाके स्थित सूरज नगर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की उनके ही केयरटेकर वरुण कुमार ने निर्ममता से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए घर में आग लगाने की भी खौफनाक साजिश रची थी, लेकिन गनीमत रही कि आग नहीं लगी।
पुलिस ने आरोपी के भागने का पूरा रूट ट्रेस कर लिया है और उसकी तलाश में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की दर्जनभर टीमें तैनात कर दी गई हैं।
पुलिस जांच के अनुसार, 30 सितंबर की रात रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल अपने कमरे में सो रहे थे। रात करीब 12:30 से 2:00 बजे के बीच केयरटेकर वरुण ने धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया। वारदात के बाद आरोपी ने रसोई के गैस सिलेंडर का पाइप निकाल दिया ताकि घर में आग लग जाए और सारे सबूत नष्ट हो जाएं।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी वरुण के भागने का पूरा रूट मैप तैयार कर लिया है:
रात 2:40 बजे: आरोपी घर से बाहर निकला। घटना स्थल से 200 मीटर दूर लगे कैमरों में वह हाथ में एक पिट्ठू बैग और एक झोला लिए भागता दिखा।
पैदल और ऑटो का सफर: सूरज नगर से करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर वह भदभदा चौराहा पहुंचा। वहां से उसने एक ऑटोरिक्शा लिया।
भोपाल रेलवे स्टेशन: ऑटो से पॉलीटेक्निक चौराहा और कमला पार्क होते हुए वह रेलवे स्टेशन की ओर गया। स्टेशन से कुछ दूर पहले उतरकर वह पैदल प्लेटफॉर्म नंबर 6 से होते हुए प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंचा।
रात 3:30 बजे: वह दिल्ली लाइन की ट्रेन में सवार होकर फरार हो गया। पुलिस अब झांसी, ग्वालियर और आगरा रूट के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वरुण को बाग सेवनिया के विश्वकर्मा नगर स्थित 'वर्मा होम हेल्थ केयर' एजेंसी के जरिए नौकरी पर रखा गया था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि एजेंसी ने उसका अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन करवाया था या नहीं। लापरवाही पाए जाने पर एजेंसी संचालकों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, आरोपी के पास पंजाब के पटियाला एसपी कार्यालय से जारी एक चरित्र प्रमाण पत्र भी मिला है। पंजाब पुलिस से आरोपी के बैकग्राउंड की जानकारी मांगी गई है।
पुलिस को शक है कि हत्या के बाद आरोपी घर से नकदी और कीमती सामान लेकर भागा है। इसके अलावा, मृतक राकेश अग्रवाल के कुछ लोगों के साथ हुए आर्थिक लेन-देन की बातें भी सामने आई हैं। फिलहाल पुलिस लूट, आर्थिक लेन-देन और आरोपी के पुराने संपर्कों की कड़ियाँ जोड़कर हत्या की असल वजह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आरोपी वरुण की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी वारदात से पर्दा उठ सकेगा।