रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल मर्डर केस में नया मोड़; 1 करोड़ रुपए का लेनदेन और धोखाधड़ी विवाद का मामला आया सामने

Rakesh Agarwal Murder Case: भोपाल के रातीबड़ में रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड में आया नया और सनसनीखेज मोड़, 1 करोड़ से अधिक के पुराने लेनदेन और धोखाधड़ी विवाद की थ्योरी पर पुलिस की जांच तेज।
Rakesh Agrawal murder case new development
रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल और आरोपी वरुण (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Retired IAS Rakesh Agarwal Murder Case New Twist: रातीबड़ इलाके में रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस की जांच अब एक नए और बेहद अहम एंगल की तरफ मुड़ गई है। शुरुआती तौर पर जहां शक की सुई फरार केयरटेकर और लूटपाट पर थी, वहीं अब पुलिस इस हत्याकांड के पीछे 1 करोड़ रुपए से अधिक के पुराने लेनदेन और धोखाधड़ी के विवाद की थ्योरी को गंभीरता से खंगाल रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राकेश अग्रवाल का उनके पूर्व परिचित अजीत पाटनी के साथ बड़ा आर्थिक विवाद चल रहा था। आरोप है कि अजीत ने अग्रवाल को एक कंपनी में निवेश कर बेहतर रिटर्न दिलाने का झांसा दिया था और उनसे अलग-अलग किस्तों में 1 करोड़ रुपए से अधिक की रकम ऐंठ ली थी। जब अग्रवाल को रकम वापस नहीं मिली, तो उन्होंने करीब 11 महीने पहले क्राइम ब्रांच में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में जांच के बाद पुलिस ने अक्टूबर 2025 में अजीत पाटनी पर एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार भी किया था।

गवाही से ठीक पहले हत्या: क्या कोई साजिश है?

इस हत्याकांड का सबसे बड़ा पेच इसकी टाइमिंग है। अजीत पाटनी के खिलाफ चल रहे धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट की कार्रवाई जारी थी और इसी महीने राकेश अग्रवाल की इस केस में अहम गवाही होने वाली थी। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या गवाही से पहले अग्रवाल पर बयान बदलने या केस वापस लेने का कोई दबाव, विवाद या धमकी दी गई थी? जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या अग्रवाल की गवाही को रोकने के लिए ही इस हत्या की साजिश रची गई?

क्या केयरटेकर मोहरा था?

हत्या के वक्त घर में मौजूद केयरटेकर अरुण वारदात वाली रात (12 से 2 बजे के बीच) से ही फरार है। रात करीब 2:15 बजे उसे सूरज नगर से भदभदा जाने वाली सड़क पर एक पिट्ठू बैग ले जाते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है। उसकी तलाश के लिए जोन-1 की 5 पुलिस टीमें और क्राइम ब्रांच की टीम लगी हुई है। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि अरुण ने यह हत्या महज लूट के इरादे से की या फिर धोखाधड़ी केस से जुड़े लोगों ने उसे इस वारदात को अंजाम देने के लिए मोहरा बनाया था।

Rakesh Agrawal murder case new development
EXPLAINER: राहुल गांधी का बालाघाट दौरा, सरकार पर निशाना और आदिवासी सीटों का गणित; क्या है कांग्रेस की रणनीति?

आगे की जांच:

फिलहाल भोपाल पुलिस ने लेनदेन के विवाद को सीधे तौर पर हत्या की वजह घोषित नहीं किया है, लेकिन जांच की दिशा इसी ओर केंद्रित है। पुलिस अग्रवाल के पुराने मामलों, उनसे जुड़े लोगों और कोर्ट की गतिविधियों की पूरी कुंडली निकाल रही है। फरार केयरटेकर अरुण की गिरफ्तारी के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि यह हत्या महज़ एक लूट थी या करोड़ों रुपये बचाने के लिए रची गई कोई गहरी साजिश।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com