Bhopal: 73 करोड़ में बना निगम मुख्यालय, लेकिन बिल्डिंग में नहीं है मीटिंग हॉल, अब परिसर में ही बनाने पर विचार
Council Meeting Hall Issue: भोपाल नगर निगम के मुख्यालय को बनाने में 73 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। नए मुख्यालय 'अटल भवन' में परिषद के लिए मीटिंग हॉल नहीं बना है, जिसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।
- Written By: प्रीतेश जैन
अटल भवन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Bhopal Nagar Nigam Building: राजधानी भोपाल में नगर निगम की नई प्रशासनिक बिल्डिंग ‘अटल भवन’ के लोकार्पण के बाद इसके निर्माण और सुविधाओं को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। करीब 73 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस भवन में सिविल वर्क से लेकर इंटीरियर और अन्य विकास कार्य शामिल हैं। हालांकि, इतनी बड़ी लागत के बावजूद परिषद का मीटिंग हॉल नहीं बनाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पहले इस परियोजना की लागत 43 करोड़ रुपए बताई गई थी, लेकिन लोकार्पण के समय यह आंकड़ा बढ़कर 73 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। अतिरिक्त राशि से अन्य विकास कार्य किए जाने की बात सामने आई है। यह भवन प्रदेश का पहला ऐसा नगरीय निकाय मुख्यालय है, जिसे जियोथर्मल तकनीक और ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर विकसित किया गया है।
परिसर में ही मीटिंग हॉल बनाने पर विचार
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान महापौर मालती राय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से परिषद के लिए 5 एकड़ जमीन की मांग भी की थी। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। हालांकि, अब संकेत मिल रहे हैं कि अलग जमीन लेने की बजाय भवन परिसर के भीतर ही मीटिंग हॉल बनाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे पार्किंग क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।
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सभी विभाग एक ही स्थान पर करेंगे काम
नई बिल्डिंग को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सभी विभाग एक ही स्थान पर काम कर सकें। ग्राउंड फ्लोर पर जनसंपर्क, टैक्स काउंटर, विवाह पंजीकरण और बच्चों के लिए गेम जोन बनाया गया है। पहली से चौथी मंजिल तक महापौर, एमआईसी सदस्य और विभिन्न विभागों के दफ्तर हैं। पांचवीं से सातवीं मंजिल पर आईटी, स्मार्ट सिटी, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग स्थित हैं, जबकि आठवीं मंजिल पर कमिश्नर कार्यालय और स्मार्ट सिटी मुख्यालय है।
बिल्डिंग में मिलेंगी ये सुविधाएं
भवन में सेंट्रल वर्कशॉप, जनसंपर्क, विद्युत, जल कार्य, स्वच्छ भारत मिशन, राजस्व और बिल्डिंग परमिशन जैसी सभी शाखाओं को एक ही परिसर में लाया गया है। इसके लिए जनसुविधा केंद्र भी स्थापित किया गया है, जिससे नागरिकों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सेवाएं मिल सकें।
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सोलर पैनल से बिजली उत्पादन
‘अटल भवन’ परिसर में सोलर पैनल भी लगाए गए हैं, जिससे लगभग 300 किलोवाट बिजली उत्पादन की क्षमता बताई गई है। साथ ही नीमच जिले में स्थापित 10.5 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण किया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर पैनलों की दिशा उत्तर-दक्षिण होने के कारण ऊर्जा उत्पादन पर कुछ असर पड़ सकता है।
