

Bhopal Master Plan Demand Protest: राजधानी भोपाल में रहवासी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को मिंटो हॉल परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने व्यापारियों ने रामधुन गाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में व्यापारियों ने 'रघुपति राघव राजा राम' का गायन किया और मध्यप्रदेश सरकार से इस पूरे मामले का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि रहवासी क्षेत्रों में वर्षों से संचालित दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नगर निगम की कार्रवाई से बड़ी संख्या में कारोबारी और उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं। चैंबर की मांग है कि राजधानी भोपाल में नया मास्टर प्लान जल्द लागू किया जाए और तब तक मिक्स्ड लैंड यूज अथवा कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि नियमों के दायरे में रहकर कारोबार जारी रखा जा सके। ऐसी मांग व्यापारिक संगठनों की ओर से पहले भी उठाई जा चुकी है।
व्यापारी अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि महात्मा गांधी ने रामधुन गाकर और 'रघुपति राघव राजा राम' का संदेश देकर देश को सत्य और अहिंसा के रास्ते पर आगे बढ़ाया था। इसी भावना के साथ व्यापारी भी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहे हैं। गोयल के मुताबिक, व्यापारियों ने हमेशा सरकार का हर स्तर पर सहयोग किया है। चाहे आर्थिक गतिविधियों की बात हो या सामाजिक जिम्मेदारियों की, व्यापारियों ने अपनी भूमिका निभाई है। लेकिन नगर निगम की कार्रवाई से केवल दुकान संचालक ही नहीं, बल्कि उन दुकानों में काम करने वाले कर्मचारी और व्यापार से जुड़े परिवार भी प्रभावित हो रहे हैं।
व्यापारियों का सवाल है कि जब शहर का नया मास्टर प्लान लंबे समय से प्रक्रिया में है, तो इस बीच कारोबारियों के लिए स्पष्ट नीति क्यों नहीं बनाई जा रही? दरअसल भोपाल में रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम की कार्रवाई के बाद पिछले कुछ समय से व्यापारी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। रोशनपुरा से न्यू मार्केट तक रैली और चक्काजाम के अलावा शहर के अलग-अलग इलाकों में भी विरोध दर्ज कराया गया है।
वहीं, दूसरी ओर कुछ रहवासी संगठन भी आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में पूरा विवाद अब व्यापारियों की आजीविका बनाम आवासीय क्षेत्रों के नियोजित उपयोग के बीच संतुलन का मुद्दा बन गया है। सरकार की ओर से इस मामले में समाधान के लिए उच्चस्तरीय स्तर पर विचार की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसे में व्यापारियों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है।